अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُجْزَىٰ: बदला दिया जाएगा, प्रतिफल दिया जाएगा।
- بِمَا كَسَبَتْ: उसके अनुसार जो उसने कमाया (अच्छे या बुरे कर्म)।
- لَا ظُلْمَ: कोई अत्याचार नहीं, कोई अन्याय नहीं।
- سَرِيعُ الْحِسَابِ: हिसाब लेने में बहुत तेज़, जिसे किसी समय की आवश्यकता नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
आज का दिन वह दिन है जब हर आत्मा को उसके किए हुए कर्मों का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। जिसने दुनिया में नेकी की होगी, उसे नेकी का बदला मिलेगा, और जिसने बुराई की होगी, उसे बुराई का परिणाम भुगतना पड़ेगा। यह बदला इतना सटीक और न्यायपूर्ण होगा कि किसी के साथ ज़रा भी ज़ुल्म नहीं होगा—न किसी के गुनाह बढ़ाए जाएँगे, न उसकी नेकियाँ घटाई जाएँगी। हर अच्छाई का अच्छा बदला, हर बुराई का बुरा बदला—बिल्कुल सही माप के साथ।
यहाँ अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि उस दिन कोई अन्याय नहीं होगा, क्योंकि हिसाब लेने वाला स्वयं अल्लाह है, जो सबसे बड़ा न्यायी है। वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, और उसकी रहमत और अद्ल हर चीज़ पर छाई हुई है। अल्लाह का हिसाब इतना तेज़ है कि वह एक ही पल में सभी प्राणियों का हिसाब ले लेगा—न किसी को इंतज़ार करना पड़ेगा, न किसी का हिसाब किसी दूसरे के हिसाब में रुकावट डालेगा। उसका ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है, इसलिए उसे किसी समय या प्रयास की ज़रूरत नहीं।
यह आयत हमें बताती है कि यह दुनिया का जीवन एक परीक्षा है, और आख़िरत का दिन उस परीक्षा का नतीजा है। जो लोग अल्लाह के दीन पर चलते हैं और नेक कर्म करते हैं, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है, और जो लोग गुनाहों में डूबे रहते हैं, उनके लिए वह दिन बड़ी चेतावनी है। अल्लाह तआला ने यह भी फ़रमाया कि उस दिन को दूर न समझो—वह बहुत करीब है, क्योंकि अल्लाह का हिसाब तेज़ है और उसकी शक्ति असीमित है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। हर पल हम जो कर रहे हैं, वह हमारे हिसाब में दर्ज हो रहा है। आज हम जिस चीज़ को छोटा समझते हैं, वह उस दिन हमारे सामने आएगी। अल्लाह की रहमत और अद्ल पर भरोसा रखते हुए हमें नेकी की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि उस दिन कोई सिफ़ारिश या दुनियावी ताक़त काम नहीं आएगी—सिर्फ़ अच्छे कर्म ही काम आएँगे। यह आयत मोमिनों के लिए खुशखबरी है कि उनका रब उनके साथ कभी ज़ुल्म नहीं करेगा, और गुनाहगारों के लिए चेतावनी है कि अल्लाह की पकड़ से बचना नामुमकिन है।
📜 आयत 15-19 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 17
सूरा ग़ाफिर आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आज हर शख्स को उसके किए का बदला दिया जाएगा,…सूरा आयत 17/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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