Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَوَقَاهُ: अल्लाह ने उसे बचा लिया / सुरक्षित रख लिया।
- سَيِّئَاتِ مَا مَكَرُوا: उनकी चालों के बुरे अंजाम (जो वे उसके विरुद्ध रच रहे थे)।
- حَاقَ: घेर लिया / उतर पड़ा / चारों ओर से आ घेरा।
- آلِ فِرْعَوْنَ: फ़िरऔन की क़ौम, उसके सरदार और उसके साथी।
- سُوءُ الْعَذَابِ: बुरा अज़ाब, यानी डूबने की यातना (दुनिया में) और आख़िरत में जहन्नुम की आग।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस मोमिन (ईमानवाले) इंसान के बारे में है जो फ़िरऔन के दरबार में अपनी क़ौम को छिपकर नसीहत कर रहा था। जब फ़िरऔन और उसके सरदारों को उसकी दावत का पता चला और उन्होंने उसे मार डालने की साज़िश रची, तो अल्लाह ने उस बंदे को उन सारी बुरी चालों से महफ़ूज़ रखा। अल्लाह ने उसे उनके जाल से निकाल लिया और वह मूसा (अलैहिस्सलाम) के साथ नजात पा गया। उसकी जान को किसी भी तरह का नुक़्सान नहीं पहुँचा, क्योंकि अल्लाह अपने मोमिन बंदों की हिफ़ाज़त करता है, जब वे उसकी राह में सब्र और ईमान पर क़ायम रहते हैं।
इसके बाद अल्लाह ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम पर अपना अज़ाब नाज़िल किया — वही अज़ाब जिससे वे डरा रहे थे और जिसे वे झुठला रहे थे। उन्हें दुनिया में डूबने की यातना ने घेर लिया, यहाँ तक कि फ़िरऔन अपने लश्कर समेत समुद्र में ग़र्क हो गया। और आख़िरत में उनके लिए जहन्नुम की आग है, जो उससे भी कहीं बदतर और स्थायी अज़ाब है।
इस आयत में अल्लाह ने यह सबक़ सिखाया है कि सच्चाई और ईमान की राह पर चलने वालों को अल्लाह कभी अकेला नहीं छोड़ता। भले ही दुश्मन कितनी भी ताक़तवर और चालाक क्यों न हों, अल्लाह की हिफ़ाज़त उनके मुक़ाबले में सबसे बड़ी ढाल है। और जो लोग अल्लाह के नबियों और उनके साथियों के ख़िलाफ़ साज़िशें रचते हैं, उनका अंजाम हमेशा ज़िल्लत और अज़ाब होता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
यह आयत हर उस इंसान के लिए तसल्ली और उम्मीद का पैग़ाम है जो अल्लाह की राह में अकेला महसूस करता है। याद रखिए, अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है, चाहे दुश्मन कितने भी ज़्यादा क्यों न हों। ईमान वालों के लिए यह बशारत है कि अल्लाह की निगरानी और हिफ़ाज़त उनके साथ है, और ज़ालिमों का अंजाम हमेशा बर्बादी है।
📜 आयत 43-47 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 45
सूरा ग़ाफिर आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ने उसे उनकी तद्बीरों की बुराई से महफूज़…सूरा आयत 45/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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