Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شَهِدَ عَلَيْهِمْ: उनके विरुद्ध गवाही देना
- سَمْعُهُمْ: उनके कान (सुनने की शक्ति)
- أَبْصَارُهُمْ: उनकी आँखें (देखने की शक्ति)
- جُلُودُهُمْ: उनकी खालें (त्वचा)
तफसीर:
यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब अल्लाह के दुश्मनों को जहन्नम की ओर हाँका जाएगा। जब वे आग के पास पहुँचेंगे और अपने किए हुए गुनाहों से मुकरने की कोशिश करेंगे, तो अल्लाह तआला उनके ही अंगों को बोलने की शक्ति प्रदान करेगा। उनके कान, उनकी आँखें और उनकी खालें — सब कुछ उनके विरुद्ध गवाही देंगे। वे बताएँगे कि उन्होंने दुनिया में क्या-क्या सुना, क्या-क्या देखा और किन-किन पापों में अपने शरीर को शामिल किया।
यह अल्लाह की कुदरत का अद्भुत नज़ारा होगा — वही अंग जो दुनिया में इंसान के आज्ञाकारी थे और गुनाहों में मदद करते थे, उस दिन अल्लाह के आदेश से उसी इंसान के खिलाफ गवाह बन जाएँगे। यह उस दिन की सच्चाई है जब कोई झूठ नहीं बोल सकेगा और न ही कोई बहाना काम आएगा।
यह आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है कि हमारे अंग हमारे खिलाफ गवाही देने वाले हैं। अगर हम अपनी आँखों से हराम देखते हैं, अपने कानों से हराम सुनते हैं, और अपने शरीर को गुनाहों में इस्तेमाल करते हैं, तो याद रखें — यह सब कुछ एक दिन हमारे सामने पेश किया जाएगा। लेकिन अगर हम इन अंगों को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में लगाएँ, तो यही अंग हमारे लिए गवाही देंगे और हमारे पक्ष में बोलेंगे।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत भी बहुत बड़ी है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफरमानी से बाज़ आ जाएँ और तौबा कर लें, उनके लिए अल्लाह की मगफिरत का दरवाज़ा खुला है। इसलिए आज ही अपने अंगों को नेकी की तरफ मोड़ें, क्योंकि कल का दिन बहुत कठिन होगा और उस दिन कोई मदद नहीं कर सकेगा। अल्लाह हम सबको उस दिन की शर्मिंदगी से बचाए और हमारे अंगों को हमारे पक्ष में गवाह बनाए। आमीन।
📜 आयत 18-22 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 20
सूरा फुस्सिलत आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यहाँ तक की जब सब के सब जहन्नुम के पास…सूरा आयत 20/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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