फुस्सिलत · 21/54
अनुवाद उच्चारण — सूरा फुस्सिलत
وَقَالُوا لِجُلُودِهِمْ لِمَ شَهِدتُّمْ عَلَيْنَا ۖ قَالُوا أَنطَقَنَا اللَّهُ الَّذِي أَنطَقَ كُلَّ شَيْءٍ وَهُوَ خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ ۝٢١
Wa qaaloo lijuloodihim lima shahittum `alainaa qaaloo antaqanal laahul lazeee antaqa kulla shai`inw wa Huwa khalaqakum awwala marratinw wa ilaihi turja`oon
📖 हिंदी अर्थ
और ये लोग अपने आज़ा से कहेंगे कि तुमने हमारे ख़िलाफ क्यों गवाही दी तो वह जवाब देंगे कि जिस ख़ुदा ने हर चीज़ को गोया किया उसने हमको भी (अपनी क़ुदरत से) गोया किया और उसी ने तुमको पहली बार पैदा किया था और (आख़िर) उसी की तरफ लौट कर जाओगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِجُلُودِهِمْ (अपनी खालों से): यहाँ "जुलूद" से मतलब शरीर के अंग, विशेषकर त्वचा, जो अल्लाह के आदेश से गवाही देंगे।
  • لِمَ شَهِدتُّمْ (तुमने गवाही क्यों दी?): यह प्रश्न तिरस्कार और दोषारोपण के रूप में होगा।
  • أَنطَقَنَا (हमें बोलने की शक्ति दी): अल्लाह ने हमें वाणी प्रदान की।
  • خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ (पहली बार तुम्हें पैदा किया): तुम्हें पहली बार अस्तित्व में लाया, जब तुम कुछ भी नहीं थे।

विस्तृत तफसीर:

जब क़यामत के दिन अल्लाह के दुश्मनों को आग की ओर ले जाया जाएगा, और उनके शरीर के अंग — हाथ, पैर, और खालें — उनके किए हुए गुनाहों की गवाही देंगे, तो वे हैरान और शर्मिंदा होकर अपनी ही खालों से पूछेंगे: "तुमने हमारे खिलाफ़ गवाही क्यों दी? क्या तुम हमारे साथ नहीं थीं? तुमने हमारे किए हुए कामों को क्यों उजागर किया?" यह सवाल उनकी नादानी और हैरानी की वजह से होगा, क्योंकि वे समझते थे कि उनके शरीर के अंग उनके खिलाफ़ कभी गवाही नहीं देंगे।

तब अल्लाह की क़ुदरत से वे खालें जवाब देंगी: "हमें उस अल्लाह ने बोलने की शक्ति दी है जिसने हर चीज़ को बोलने की ताक़त दी है। वही अल्लाह जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, जब तुम कुछ भी नहीं थे — क्या वह हमें बोलने की शक्ति नहीं दे सकता? और उसी की ओर तुम्हें लौटकर जाना है, उसी के सामने हिसाब देना है।"

यह आयत अल्लाह की क़ुदरत का अद्भुत प्रमाण है। जिस अल्लाह ने तुम्हें पहली बार पैदा किया, वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। और जब वह बेजान खालों को बोलने की शक्ति दे सकता है, तो उसकी क़ुदरत के आगे कुछ भी असंभव नहीं है।

दावत और नसीहत:

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है। कोई भी गुनाह छिपा नहीं रहेगा — यहाँ तक कि हमारे शरीर के अंग भी हमारे खिलाफ़ गवाही देंगे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और उसकी रज़ा के मुताबिक़ चलें।

यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ईमान लाने की भी तरग़ीब देती है। जिस अल्लाह ने हमें पहली बार पैदा किया, वह हमें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेगा। यह ईमान हमारे दिलों को साफ़ रखता है और हमें अच्छे कामों की तरफ़ ले जाता है। अल्लाह से डरो और उसकी रहमत की उम्मीद रखो — क्योंकि वही सबसे बड़ा इंसाफ़ करने वाला और सबसे बड़ा रहम करने वाला है।



📜 आयत 19-23 — सूरा फुस्सिलत

19وَيَوْمَ يُحْشَرُ أَعْدَاءُ اللَّهِ إِلَى النَّارِ فَهُمْ يُوزَعُونَ
और जिस दिन ख़ुदा के दुशमन दोज़ख़ की तरफ हकाए जाएँगे तो ये लोग तरतीब वार खड़े किए जाएँगे
20حَتَّىٰ إِذَا مَا جَاءُوهَا شَهِدَ عَلَيْهِمْ سَمْعُهُمْ وَأَبْصَارُهُمْ وَجُلُودُهُم بِمَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
यहाँ तक की जब सब के सब जहन्नुम के पास जाएँगे तो उनके कान और उनकी ऑंखें और उनके (गोश्त पोस्त) उनके ख़िलाफ उनके मुक़ाबले में उनकी कारस्तानियों की गवाही देगें
21وَقَالُوا لِجُلُودِهِمْ لِمَ شَهِدتُّمْ عَلَيْنَا ۖ قَالُوا أَنطَقَنَا اللَّهُ الَّذِي أَنطَقَ كُلَّ شَيْءٍ وَهُوَ خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
और ये लोग अपने आज़ा से कहेंगे कि तुमने हमारे ख़िलाफ क्यों गवाही दी तो वह जवाब देंगे कि जिस ख़ुदा ने हर चीज़ को गोया किया उसने हमको भी (अपनी क़ुदरत से) गोया किया और उसी ने तुमको पहली बार पैदा किया था और (आख़िर) उसी की तरफ लौट कर जाओगे
22وَمَا كُنتُمْ تَسْتَتِرُونَ أَن يَشْهَدَ عَلَيْكُمْ سَمْعُكُمْ وَلَا أَبْصَارُكُمْ وَلَا جُلُودُكُمْ وَلَٰكِن ظَنَنتُمْ أَنَّ اللَّهَ لَا يَعْلَمُ كَثِيرًا مِّمَّا تَعْمَلُونَ
और (तुम्हारी तो ये हालत थी कि) तुम लोग इस ख्याल से (अपने गुनाहों की) पर्दा दारी भी तो नहीं करते थे कि तुम्हारे कान और तुम्हारी ऑंखे और तुम्हारे आज़ा तुम्हारे बरख़िलाफ गवाही देंगे बल्कि तुम इस ख्याल मे (भूले हुए) थे कि ख़ुदा को तुम्हारे बहुत से कामों की ख़बर ही नहीं
23وَذَٰلِكُمْ ظَنُّكُمُ الَّذِي ظَنَنتُم بِرَبِّكُمْ أَرْدَاكُمْ فَأَصْبَحْتُم مِّنَ الْخَاسِرِينَ
और तुम्हारी इस बदख्याली ने जो तुम अपने परवरदिगार के बारे में रखते थे तुम्हें तबाह कर छोड़ा आख़िर तुम घाटे में रहे
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अनुवाद — फुस्सिलत 21

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Friday, October 2, 2026

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