Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِجُلُودِهِمْ (अपनी खालों से): यहाँ "जुलूद" से मतलब शरीर के अंग, विशेषकर त्वचा, जो अल्लाह के आदेश से गवाही देंगे।
- لِمَ شَهِدتُّمْ (तुमने गवाही क्यों दी?): यह प्रश्न तिरस्कार और दोषारोपण के रूप में होगा।
- أَنطَقَنَا (हमें बोलने की शक्ति दी): अल्लाह ने हमें वाणी प्रदान की।
- خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ (पहली बार तुम्हें पैदा किया): तुम्हें पहली बार अस्तित्व में लाया, जब तुम कुछ भी नहीं थे।
विस्तृत तफसीर:
जब क़यामत के दिन अल्लाह के दुश्मनों को आग की ओर ले जाया जाएगा, और उनके शरीर के अंग — हाथ, पैर, और खालें — उनके किए हुए गुनाहों की गवाही देंगे, तो वे हैरान और शर्मिंदा होकर अपनी ही खालों से पूछेंगे: "तुमने हमारे खिलाफ़ गवाही क्यों दी? क्या तुम हमारे साथ नहीं थीं? तुमने हमारे किए हुए कामों को क्यों उजागर किया?" यह सवाल उनकी नादानी और हैरानी की वजह से होगा, क्योंकि वे समझते थे कि उनके शरीर के अंग उनके खिलाफ़ कभी गवाही नहीं देंगे।
तब अल्लाह की क़ुदरत से वे खालें जवाब देंगी: "हमें उस अल्लाह ने बोलने की शक्ति दी है जिसने हर चीज़ को बोलने की ताक़त दी है। वही अल्लाह जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, जब तुम कुछ भी नहीं थे — क्या वह हमें बोलने की शक्ति नहीं दे सकता? और उसी की ओर तुम्हें लौटकर जाना है, उसी के सामने हिसाब देना है।"
यह आयत अल्लाह की क़ुदरत का अद्भुत प्रमाण है। जिस अल्लाह ने तुम्हें पहली बार पैदा किया, वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। और जब वह बेजान खालों को बोलने की शक्ति दे सकता है, तो उसकी क़ुदरत के आगे कुछ भी असंभव नहीं है।
दावत और नसीहत:
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है। कोई भी गुनाह छिपा नहीं रहेगा — यहाँ तक कि हमारे शरीर के अंग भी हमारे खिलाफ़ गवाही देंगे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और उसकी रज़ा के मुताबिक़ चलें।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ईमान लाने की भी तरग़ीब देती है। जिस अल्लाह ने हमें पहली बार पैदा किया, वह हमें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेगा। यह ईमान हमारे दिलों को साफ़ रखता है और हमें अच्छे कामों की तरफ़ ले जाता है। अल्लाह से डरो और उसकी रहमत की उम्मीद रखो — क्योंकि वही सबसे बड़ा इंसाफ़ करने वाला और सबसे बड़ा रहम करने वाला है।
📜 आयत 19-23 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 21
सूरा फुस्सिलत आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग अपने आज़ा से कहेंगे कि तुमने हमारे…सूरा आयत 21/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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