अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَعَلَهَا (जअलहा): उसे बनाया/कर दिया
- كَلِمَةً (कलिमतन): वचन/कलिमा
- بَاقِيَةً (बाक़ियतन): स्थायी, शेष रहने वाली
- عَقِبِهِ (अक़िबिही): उसकी संतान/वंशज
- لَعَلَّهُمْ (लअल्लहुम): ताकि वे / आशा है कि वे
- يَرْجِعُونَ (यर्जिऊन): लौट आएं
विस्तृत तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी ज़िंदगी में जो सबसे बड़ा और अनमोल काम किया, वह यह था कि उन्होंने तौहीद का कलिमा (ला इलाहा इल्लल्लाह) को अपनी औलाद और वंशजों में हमेशा के लिए बाक़ी रहने वाला वचन बना दिया। यह कोई साधारण बात नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसी अमानत थी जिसे उन्होंने अपने बाद आने वाली पीढ़ियों को सौंपा।
यह कलिमा उनकी संतान में इस तरह जड़ पकड़ गया कि हर ज़माने में उनकी औलाद में से कुछ लोग ऐसे होते रहे जो अल्लाह की वहदानिय्यत (एकता) पर क़ायम रहे, किसी को उसका शरीक नहीं बनाया। यह सिलसिला यूँ ही चलता रहा, यहाँ तक कि अल्लाह ने उन्हीं की संतान में से आख़िरी नबी मुहम्मद ﷺ को मब'अस (नबी बनाकर भेजा)।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने यह वचन इसलिए छोड़ा था ताकि उनकी औलाद और उनके बाद आने वाले लोग, ख़ासकर मक्का के काफ़िर, जब इस बात को जानें कि उनके बाप दादा इब्राहीम ने तौहीद की वसीयत की थी, तो वे अपनी ग़लती को समझें, शिर्क और गुनाहों से तौबा करके अल्लाह की तरफ़ लौट आएं।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक सच्चे मुसलमान की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ अपनी निजी ज़िंदगी को सुधारना नहीं है, बल्कि अपनी औलाद और आने वाली पीढ़ियों को भी सही रास्ते पर चलाना है। हज़रत इब्राहीम ने यह काम किया और हमें भी चाहिए कि अपने बच्चों के दिलों में तौहीद का कलिमा और अल्लाह की मोहब्बत इस तरह बिठाएं कि वह उनके सीने में हमेशा के लिए बाक़ी रहे।
यह कितनी बड़ी नेमत है कि अल्लाह ने हमें मुसलमान बनाया और हमें वह कलिमा दिया जो इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सबसे बड़ी विरासत है। हमें चाहिए कि इस कलिमा की क़द्र करें, इसे अपनी ज़िंदगी में अपनाएं और अपनी आने वाली नस्लों तक पहुंचाएं। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा।
📜 आयत 26-30 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 28
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसी (ईमान) को इब्राहीम ने अपनी औलाद में हमेशा…सूरा आयत 28/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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