अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَتَّعْتُ: मैंने आनंद दिया, सुख-सुविधाएँ दीं।
- هَٰؤُلَاءِ: ये लोग (मक्का के काफ़िर)।
- آبَاءَهُمْ: उनके बाप-दादा।
- الْحَقُّ: सत्य (यहाँ अर्थ: क़ुरआन)।
- رَسُولٌ مُّبِينٌ: स्पष्ट रूप से सत्य को बयान करने वाला रसूल (यानी हज़रत मुहम्मद ﷺ)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमा रहे हैं कि ऐ रसूल! आप इस बात से हैरान न हों कि ये मक्का के मुशरिकीन आपको झुठला रहे हैं और हक़ को क़बूल नहीं कर रहे। मैंने इन लोगों को और इनसे पहले इनके बाप-दादा को दुनिया में खूब सुख-सुविधाएँ और लंबी उम्र दी, उन्हें माल-दौलत और ताकत से नवाज़ा, लेकिन इनकी नाशुक्री के बावजूद मैंने उन पर फ़ौरन अज़ाब नाज़िल नहीं किया। मेरी यह मोहलत और ढील किसी कमज़ोरी की वजह से नहीं थी, बल्कि यह मेरी रहमत और हिकमत का तक़ाज़ा था।
मैंने उन्हें यह मोहलत इसलिए दी कि जब उनके पास हक़ (क़ुरआन) आए और एक रसूल जो सारे अहकाम और दीन की बातों को साफ़-साफ़ बयान करने वाला हो — यानी हज़रत मुहम्मद ﷺ — तो वे उसे सुनकर समझें और ईमान ले आएँ। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने अपने बंदों को दुनिया में मोहलत दी, उनकी फ़ौरन पकड़ नहीं की, ताकि उन्हें हिदायत का मौक़ा मिले।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त बहुत ही रहीम और करीम है। वह गुनाहगारों को भी दुनिया में रिज़्क़ देता है और उन्हें मौक़ा देता है कि वे अपनी ग़लतियों से बाज़ आएँ। लेकिन यह मोहलत हमेशा के लिए नहीं है — जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता। इसलिए हमें चाहिए कि जब हमारे पास हक़ और सच्चाई पहुँचे, तो उसे खुले दिल से क़बूल करें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है। अल्लाह ने क़ुरआन और रसूल ﷺ के ज़रिए हमें रास्ता दिखाया है — यह हमारी बड़ी किस्मत है कि हम उस उम्मत में हैं जिसे सबसे आख़िरी और पूरा दीन अता हुआ। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और अपनी ज़िंदगी को क़ुरआन और सुन्नत के मुताबिक़ ढालना चाहिए।
📜 आयत 27-31 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 29
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बल्कि मैं उनको और उनके बाप दादाओं को फायदा पहुँचाता…सूरा आयत 29/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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