Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَلَفًا (सलफ़न): अग्रगामी, पूर्ववर्ती, आगे बढ़ने वाला, या वह समूह जो आगे चलकर दूसरों के लिए नमूना बने।
- مَثَلًا (मसलन): उदाहरण, सबक़, इबरत, या वह चीज़ जिससे लोग सीख लें और उस पर अमल न करें।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम को, जिन्होंने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और सरकशी पर अड़े रहे, समुद्र में ग़रक़ करके हलाक कर दिया। अल्लाह ने उन्हें "सलफ़" बनाया, यानी उन्हें आगे बढ़ने वाला और पेशरव बना दिया — लेकिन किस चीज़ का पेशरव? उन्हें अज़ाब और अल्लाह की नाराज़गी का अग्रदूत बना दिया, ताकि उनके बाद आने वाले लोगों के लिए वे एक चेतावनी और निशानी बन जाएँ। उन्हें "मसल" (उदाहरण) भी बनाया गया, यानी आने वाली नस्लें जब उनका ज़िक्र सुनें या उनके हालात पर ग़ौर करें, तो उनसे सबक़ हासिल करें और समझ लें कि अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके नबियों की मुख़ालफ़त का अंजाम क्या होता है।
यह वाक़िया सिर्फ़ इतिहास का एक क़िस्सा नहीं, बल्कि हर ज़माने के लिए एक ज़िंदा नसीहत है। अल्लाह ने फ़िरऔनियों को हलाक करके यह साबित कर दिया कि उसकी क़ुदरत के आगे कोई ताक़त नहीं चल सकती। जो लोग उनके जैसी ज़ुल्म और सरकशी की राह पर चलेंगे, उनका अंजाम भी उन्हीं जैसा होगा। यह आयत हमें सिखाती है कि हम पिछली उम्मतों के हालात से इबरत हासिल करें, अपने अमल को दुरुस्त करें, और अल्लाह की रहमत और हिदायत के तालिब बनें। अल्लाह तआला ने हम पर यह एहसान किया है कि हमें क़ुरआन जैसी किताब दी, जिसमें ये नसीहतें मौजूद हैं — ताकि हम भटकने से बचें और सीधी राह पर चलें। जो इन निशानियों से सबक़ लेता है, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है।
📜 आयत 54-58 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 56
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उनको गया गुज़रा और पिछलों के वास्ते इबरत…सूरा आयत 56/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


