Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضُرِبَ مَثَلًا: मिसाल दी गई, उदाहरण पेश किया गया।
- يَصِدُّونَ: शोर मचाते हैं, चिल्लाते हैं, हंगामा करते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब मक्का के मुशरिकीन (बहुदेववादियों) ने सुना कि अल्लाह तआला ने सूरह अल-अन्बिया (21:98) में फ़रमाया: "बेशक तुम और जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजते हो, जहन्नम का ईंधन हैं", तो उन्होंने यह बात अपने ख़िलाफ़ पाई, क्योंकि वे अपने बुतों (मूर्तियों) की पूजा करते थे। उन्होंने इस आयत का मुक़ाबला करने के लिए हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) की मिसाल पेश की, क्योंकि ईसाई हज़रत ईसा को पूजते थे। उन्होंने कहा: "अगर यह आयत सच है, तो ईसा भी तो जहन्नम में जाएंगे, क्योंकि ईसाई उन्हें पूजते हैं! हम अपने बुतों को ईसा के बराबर समझने के लिए तैयार हैं।" यह कहकर उन्होंने हंगामा और शोर मचा दिया, और ख़ुशी से चिल्लाने लगे।
इस पर अल्लाह तआला ने सूरह अल-अन्बिया (21:101) में जवाब दिया: "बेशक जिनके लिए हमारी तरफ़ से भलाई पहले से तय हो चुकी है, वे उस (आग) से दूर रखे जाएंगे।" यानी हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के नेक बंदे और पैग़म्बर थे, उन्हें जहन्नम से कोई लेना-देना नहीं। जो चीज़ जहन्नम में डाली जाएगी, वह वे मूर्तियाँ और बुत हैं जिन्हें मुशरिकीन ख़ुदा के बराबर मानकर पूजते हैं, और वे लोग जो अपनी मर्ज़ी से उनकी पूजा करते हैं। हज़रत ईसा तो अल्लाह के पैग़म्बर और सम्मानित बंदे थे, उन्होंने कभी अपनी पूजा का हुक्म नहीं दिया, बल्कि वे ख़ुद अल्लाह की इबादत करते थे।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि कुफ़्फ़ार और मुनाफ़िकीन हमेशा से सच्चाई को झुठलाने के लिए बहाने ढूंढते रहे हैं। जब उनके पास कोई जवाब नहीं होता, तो वे हंगामा और शोर मचाकर लोगों को भटकाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अल्लाह तआला अपने नबी और उनके सच्चे बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उनके ख़िलाफ़ हर साज़िश को नाकाम कर देता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को पकड़ें और किसी भी शक या हंगामे से प्रभावित हुए बिना सच्चाई पर क़ायम रहें। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 55-59 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 57
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और(ऐ रसूल) जब मरियम के बेटे (ईसा) की मिसाल बयान…सूरा आयत 57/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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