अज़-ज़ुखरुफ · 57/89
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ुखरुफ
۞ وَلَمَّا ضُرِبَ ابْنُ مَرْيَمَ مَثَلًا إِذَا قَوْمُكَ مِنْهُ يَصِدُّونَ ۝٥٧
Wa lammaa duribab nu Maryama masalan izaa qawmu ka minhu yasidoon
📖 हिंदी अर्थ
और(ऐ रसूल) जब मरियम के बेटे (ईसा) की मिसाल बयान की गयी तो उससे तुम्हारी क़ौम के लोग खिलखिला कर हंसने लगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ضُرِبَ مَثَلًا: मिसाल दी गई, उदाहरण पेश किया गया।
  • يَصِدُّونَ: शोर मचाते हैं, चिल्लाते हैं, हंगामा करते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब मक्का के मुशरिकीन (बहुदेववादियों) ने सुना कि अल्लाह तआला ने सूरह अल-अन्बिया (21:98) में फ़रमाया: "बेशक तुम और जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजते हो, जहन्नम का ईंधन हैं", तो उन्होंने यह बात अपने ख़िलाफ़ पाई, क्योंकि वे अपने बुतों (मूर्तियों) की पूजा करते थे। उन्होंने इस आयत का मुक़ाबला करने के लिए हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) की मिसाल पेश की, क्योंकि ईसाई हज़रत ईसा को पूजते थे। उन्होंने कहा: "अगर यह आयत सच है, तो ईसा भी तो जहन्नम में जाएंगे, क्योंकि ईसाई उन्हें पूजते हैं! हम अपने बुतों को ईसा के बराबर समझने के लिए तैयार हैं।" यह कहकर उन्होंने हंगामा और शोर मचा दिया, और ख़ुशी से चिल्लाने लगे।

इस पर अल्लाह तआला ने सूरह अल-अन्बिया (21:101) में जवाब दिया: "बेशक जिनके लिए हमारी तरफ़ से भलाई पहले से तय हो चुकी है, वे उस (आग) से दूर रखे जाएंगे।" यानी हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के नेक बंदे और पैग़म्बर थे, उन्हें जहन्नम से कोई लेना-देना नहीं। जो चीज़ जहन्नम में डाली जाएगी, वह वे मूर्तियाँ और बुत हैं जिन्हें मुशरिकीन ख़ुदा के बराबर मानकर पूजते हैं, और वे लोग जो अपनी मर्ज़ी से उनकी पूजा करते हैं। हज़रत ईसा तो अल्लाह के पैग़म्बर और सम्मानित बंदे थे, उन्होंने कभी अपनी पूजा का हुक्म नहीं दिया, बल्कि वे ख़ुद अल्लाह की इबादत करते थे।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि कुफ़्फ़ार और मुनाफ़िकीन हमेशा से सच्चाई को झुठलाने के लिए बहाने ढूंढते रहे हैं। जब उनके पास कोई जवाब नहीं होता, तो वे हंगामा और शोर मचाकर लोगों को भटकाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अल्लाह तआला अपने नबी और उनके सच्चे बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उनके ख़िलाफ़ हर साज़िश को नाकाम कर देता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को पकड़ें और किसी भी शक या हंगामे से प्रभावित हुए बिना सच्चाई पर क़ायम रहें। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।



📜 आयत 55-59 — अज़-ज़ुखरुफ

55فَلَمَّا آسَفُونَا انتَقَمْنَا مِنْهُمْ فَأَغْرَقْنَاهُمْ أَجْمَعِينَ
ग़रज़ जब उन लोगों ने हमको झुझंला दिया तो हमने भी उनसे बदला लिया तो हमने उन सब (के सब) को डुबो दिया
56فَجَعَلْنَاهُمْ سَلَفًا وَمَثَلًا لِّلْآخِرِينَ
फिर हमने उनको गया गुज़रा और पिछलों के वास्ते इबरत बना दिया
57۞ وَلَمَّا ضُرِبَ ابْنُ مَرْيَمَ مَثَلًا إِذَا قَوْمُكَ مِنْهُ يَصِدُّونَ
और(ऐ रसूल) जब मरियम के बेटे (ईसा) की मिसाल बयान की गयी तो उससे तुम्हारी क़ौम के लोग खिलखिला कर हंसने लगे
58وَقَالُوا أَآلِهَتُنَا خَيْرٌ أَمْ هُوَ ۚ مَا ضَرَبُوهُ لَكَ إِلَّا جَدَلًا ۚ بَلْ هُمْ قَوْمٌ خَصِمُونَ
और बोल उठे कि भला हमारे माबूद अच्छे हैं या वह (ईसा) उन लोगों ने जो ईसा की मिसाल तुमसे बयान की है तो सिर्फ झगड़ने को
59إِنْ هُوَ إِلَّا عَبْدٌ أَنْعَمْنَا عَلَيْهِ وَجَعَلْنَاهُ مَثَلًا لِّبَنِي إِسْرَائِيلَ
बल्कि (हक़ तो यह है कि) ये लोग हैं झगड़ालू ईसा तो बस हमारे एक बन्दे थे जिन पर हमने एहसान किया (नबी बनाया और मौजिज़े दिये) और उनको हमने बनी इसराईल के लिए (अपनी कुदरत का) नमूना बनाया
अज़-ज़ुखरुफकुरान सूची
89आयत
मक्कीRevelation
57आयत

अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 57

सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और(ऐ रसूल) जब मरियम के बेटे (ईसा) की मिसाल बयान…

सूरा आयत 57/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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