Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَذَرْهُمْ: उन्हें छोड़ दो।
- يَخُوضُوا: (अपने बुत्परस्ती और झूठे विचारों में) डूबे रहें।
- وَيَلْعَبُوا: और (दुनिया में) खेल-कूद में मशगूल रहें।
- يُوعَدُونَ: जिस (अज़ाब) का उनसे वादा किया जा रहा है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! इन झूठे लोगों को छोड़ दीजिए जो अल्लाह पर झूठा आरोप लगाते हैं और उसकी आयतों का मज़ाक उड़ाते हैं। उन्हें उनकी हालत पर छोड़ दीजिए—वे अपने बुत्परस्ती और झूठे विचारों में डूबे रहें और दुनिया की खेल-कूद में मशगूल रहें। यह मत सोचिए कि वे बच जाएंगे या उनकी यह मस्ती हमेशा रहेगी। उनका अंजाम निकट है।
वे जिस दिन का वादा किया गया है उस दिन ज़रूर मिलेंगे—चाहे वह दुनिया में आने वाला अज़ाब हो, चाहे आख़िरत का दिन हो, या दोनों। यह वह दिन है जब उनके सारे झूठे खेल खत्म हो जाएंगे और वे अपने किए का सामना करेंगे। यह दिन उनके लिए बहुत कठिन होगा, जब उन्हें अपनी सारी ग़लतियों का हिसाब देना होगा।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली दे रहे हैं कि आप उनकी बातों से दुखी न हों और उन्हें उनकी हालत पर छोड़ दें। यह एक चेतावनी भी है और एक रहमत भी—चेतावनी इसलिए कि ये लोग अपने अंजाम से बच नहीं सकते, और रहमत इसलिए कि अल्लाह उन्हें मौका दे रहा है कि वे अपनी ग़लतियों से तौबा कर लें।
हमें इस आयत से सबक लेना चाहिए कि दुनिया की यह ज़िंदगी एक खेल और मज़ाक है, जो जल्द ही खत्म हो जाएगी। असली ज़िंदगी आख़िरत की ज़िंदगी है, जो हमेशा रहेगी। इसलिए हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए, जब हम अपने रब के सामने खड़े होंगे और अपने हर अमल का हिसाब देंगे। यह दिन किसी से टलने वाला नहीं है, और जो लोग आज अल्लाह की नाफ़रमानी में मशगूल हैं, वे कल पछताएंगे, लेकिन तब पछताना किसी काम नहीं आएगा।
अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो दुनिया के खेल-कूद में मशगूल होकर आख़िरत को भूल जाते हैं। आमीन।
📜 आयत 81-85 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 83
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 83 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम उन्हें छोड़ दो कि पड़े बक बक करते…सूरा आयत 83/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 81–85. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


