Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَدَعَا رَبَّهُ – उन्होंने अपने रब से दुआ की।
- قَوْمٌ مُّجْرِمُونَ – अपराधी, पापी, मुशरिक (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराने वाले) लोग।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम को अल्लाह की तौहीद (एकता) की दावत दी, उन्हें अज़ाब से डराया और साफ़-साफ़ पैग़ाम पहुँचाया, तो उन्होंने ईमान लाने से इनकार कर दिया और अपने कुफ़्र व इनकार पर अड़े रहे। यहाँ तक कि उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और उनकी दावत का मज़ाक उड़ाया। जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने देखा कि ये लोग हिदायत क़बूल करने के बजाय सरकशी और ज़ुल्म पर ही डटे हुए हैं, और उनके ईमान लाने की कोई उम्मीद नहीं बची, तो उन्होंने अपने रब की तरफ रुजू किया और दुआ की: "ऐ मेरे रब! ये लोग बड़े अपराधी हैं, ये मुशरिक हैं, तेरे साथ कुफ़्र करने वाले हैं, ये अज़ाब के हक़दार हैं।"
यह दुआ किसी बदले की भावना से नहीं थी, बल्कि यह अल्लाह की रहमत और उसके इंसाफ़ की पुकार थी। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह बात अल्लाह के सामने रखी कि ये लोग हिदायत की हर दावत को ठुकरा चुके हैं, और अब इन पर तेरा अज़ाब नाज़िल होना ही इनके लिए सबसे बड़ी नसीहत और इबरत बन सकता है। यह दुआ उनके सब्र और अल्लाह पर पूरे भरोसे का सबूत है — उन्होंने अपनी ताक़त पर नहीं, बल्कि अल्लाह की क़ुदरत पर भरोसा किया।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब इंसान अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर ले और हक़ की दावत पहुँचा दे, तो उसे चाहिए कि मामला अल्लाह के सुपुर्द कर दे और उसी से मदद माँगे। अल्लाह अपने नबियों की दुआ ज़रूर सुनता है और अपने बंदों के हक़ में इंसाफ़ करता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के नबी भी इंसान थे और मुश्किलों में उसी की तरफ रुजू करते थे — यह हमारे लिए सबसे बड़ी नसीहत है कि हम भी हर मुश्किल में अल्लाह ही से दुआ करें, क्योंकि वही सुनने वाला, जानने वाला और क़ुदरत रखने वाला है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 22
सूरा अद-दुखान आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मगर वह सुनाने लगे) तब मूसा ने अपने परवरदिगार से…सूरा आयत 22/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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