अद-दुखान · 26/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
وَزُرُوعٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍ ۝٢٦
Wa zuroo`inw wa maqaa min kareem
📖 हिंदी अर्थ
और नफीस मकानात और आराम की चीज़ें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • زُرُوعٍ: खेती, फसलें।
  • مَقَامٍ كَرِيمٍ: सम्मानजनक और सुंदर बैठक स्थल, महल या शाही ठिकाना।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब फ़िरऔन और उसकी क़ौम का अंत हुआ और उन्हें समुद्र में डुबोकर नष्ट कर दिया गया, तो वे अपने पीछे कितनी ही चीज़ें छोड़ गए — हरे-भरे बाग़, बहते हुए झरने, लहलहाती खेती और ऐसे सम्मानजनक महल व बैठक स्थल जहाँ वे शाही अंदाज़ में विराजमान हुआ करते थे। ये सब चीज़ें उनके ऐशो-आराम और ग़ुरूर का सामान थीं, लेकिन जब अल्लाह का फ़ैसला आया तो न तो उनकी दौलत काम आई और न ही उनकी सल्तनत।

यहाँ अल्लाह तआला हमें सबक़ देना चाहते हैं कि दुनिया की चमक-दमक और सुख-सुविधाएँ किसी के काम नहीं आतीं जब अल्लाह का अज़ाब आ जाता है। फ़िरऔन के पास सब कुछ था — हरियाली, पानी, महल, फ़सलें — लेकिन उसने अल्लाह की नाफ़रमानी की और हक़ का इनकार किया, तो यह सब कुछ उससे छीन लिया गया।

यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम दुनिया की चीज़ों पर इतराएँ नहीं, बल्कि अल्लाह के शुक्रगुज़ार बनें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। जो लोग अल्लाह की नेमतों का सही इस्तेमाल करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसी नेमतें हैं जो कभी ख़त्म नहीं होंगी। अल्लाह हमें दुनिया की मोहब्बत में ग़ाफ़िल होने से बचाए और आख़िरत की तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 24-28 — सूरा अद-दुखान

24وَاتْرُكِ الْبَحْرَ رَهْوًا ۖ إِنَّهُمْ جُندٌ مُّغْرَقُونَ
और दरिया को अपनी हालत पर ठहरा हुआ छोड़ कर (पार हो) जाओ (तुम्हारे बाद) उनका सारा लशकर डुबो दिया जाएगा
25كَمْ تَرَكُوا مِن جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ
वह लोग (ख़ुदा जाने) कितने बाग़ और चश्में और खेतियाँ
26وَزُرُوعٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍ
और नफीस मकानात और आराम की चीज़ें
27وَنَعْمَةٍ كَانُوا فِيهَا فَاكِهِينَ
जिनमें वह ऐश और चैन किया करते थे छोड़ गये यूँ ही हुआ
28كَذَٰلِكَ ۖ وَأَوْرَثْنَاهَا قَوْمًا آخَرِينَ
और उन तमाम चीज़ों का दूसरे लोगों को मालिक बना दिया
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीअवतरण स्थान
26आयत

अनुवाद — अद-दुखान 26

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Friday, October 2, 2026

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