Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जन्नात (جَنَّاتٍ): बाग़, बगीचे, हरे-भरे बाग़ात।
- उयून (عُيُونٍ): बहते हुए चश्मे, पानी के सोते।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़िरऔन और उसकी क़ौम के उस हाल का ज़िक्र कर रहे हैं, जब उन्हें समुद्र में डुबोकर हलाक कर दिया गया। अल्लाह फ़रमाता है कि उन्होंने पीछे कितने ही बाग़ात और बहते हुए चश्मे छोड़े, जो उनकी आराम-देह ज़िंदगी की निशानियाँ थीं। ये वो चीज़ें थीं जिन पर वो इतराते थे, लेकिन अल्लाह के अज़ाब के आते ही उनमें से कोई भी चीज़ उनके काम न आई।
ये आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चमक-दमक, माल-दौलत और आराम की चीज़ें किसी को अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकतीं। फ़िरऔन के पास कितनी ही नेअमतें थीं, मगर जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो वो सब कुछ छोड़कर चला गया और उसका अंजाम बुरा हुआ।
इससे हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम दुनिया की चीज़ों पर भरोसा न करें, बल्कि अल्लाह की इबादत और उसकी राह में नेक कामों को अपनी ज़िंदगी का असली मक़सद बनाएँ। अल्लाह तआला हमें दुनिया की मोहब्बत में इतना न डुबोए कि हम आख़िरत को भूल जाएँ। याद रखें, ये दुनिया की नेअमतें अस्थायी हैं, जबकि आख़िरत की कामयाबी ही हमेशा रहने वाली है। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ और उसके दिए हुए रिज़्क़ का शुक्र अदा करें, ताकि हम भी उन लोगों में से न हों जो नेअमतों को भूलकर अल्लाह से बेमुख़ हो गए।
📜 आयत 23-27 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 25
सूरा अद-दुखान आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग (ख़ुदा जाने) कितने बाग़ और चश्में और खेतियाँसूरा आयत 25/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


