अद-दुखान · 37/59
अनुवाद उच्चारण — अद-दुखान
أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَالَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَاهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا مُجْرِمِينَ ۝٣٧
Ahum khayrun am qawmu Tubba`inw wallazeena min qablihim; ahlaknaahum innahum kaanoo mujrimeen
📖 हिंदी अर्थ
भला ये लोग (क़ूवत में) अच्छे हैं या तुब्बा की क़ौम और वह लोग जो उनसे पहले हो चुके हमने उन सबको हलाक कर दिया (क्योंकि) वह ज़रूर गुनाहगार थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • तुब्बा: यमन के हिम्यर कबीले का एक शक्तिशाली और प्रतापी राजा, जो अपनी सेना और साम्राज्य में बहुत बड़ा था।
  • मुजरिमीन: अपराधी, जो कुफ्र और शिर्क के अपराध में लिप्त हों।

तफसीर:

ऐ नबी! ये मक्का के मुशरिकीन, जो आपको झुठलाते हैं और आपके खिलाफ साजिशें रचते हैं, क्या ये किसी ताकत और शक्ति में उन पिछली कौमों से बेहतर हैं? क्या इनका दर्जा उन लोगों से ऊंचा है जो इनसे पहले गुजर चुके हैं? जैसे तुब्बा की कौम — वह यमन का बादशाह था जिसके पास विशाल सेना, शानदार महल और बेशुमार दौलत थी — और उनसे पहले की कौमें, जैसे आद और समूद, जो अपनी ताकत और तरक्की में इन मुशरिकीन से कहीं बढ़कर थीं।

लेकिन देखो! जब उन कौमों ने अपने रसूलों को झुठलाया और अल्लाह की नाफरमानी में हद से गुजर गईं, तो अल्लाह ने उन्हें ऐसे तबाह किया कि उनका कोई निशान भी बाकी न रहा। उनकी ताकत, उनके किले, उनकी सेनाएं — सब कुछ अल्लाह के अज़ाब के आगे बेबस हो गया। क्योंकि वे मुजरिम थे — उन्होंने कुफ्र और जुर्म का रास्ता अपनाया था।

तो ऐ मुशरिको! अगर तुब्बा और उससे पहले की कौमें अपनी ताकत के बावजूद अल्लाह के अज़ाब से न बच सकीं, तो तुम कैसे बच जाओगे? तुम्हारी ताकत उनसे कहीं कम है, और तुम्हारा जुर्म उनसे कम नहीं। क्या तुम समझते हो कि अल्लाह तुम्हें छोड़ देगा? हरगिज़ नहीं! अल्लाह का कानून बदलता नहीं — जो कौम अपने रब की नाफरमानी करती है और उसके रसूलों को झुठलाती है, उसका अंजाम विनाश ही होता है।

ये आयत हमारे लिए एक बड़ी सीख है। अल्लाह ने इतिहास में ऐसी कितनी ही ताकतवर कौमों को देखा, जिनके पास सब कुछ था — लेकिन जब उन्होंने हक़ को झुठलाया, तो अल्लाह ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया। आज हमें चाहिए कि हम उनके अंजाम से सबक लें, अपने रब की इबादत करें, अपने नबी की पैरवी करें, और उस रास्ते पर चलें जो हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाए। क्योंकि अल्लाह की रहमत उनके लिए है जो उसकी तरफ रुजू करें, और उसका अज़ाब उनके लिए है जो उससे मुंह मोड़ें।



📜 आयत 35-39 — अद-दुखान

35إِنْ هِيَ إِلَّا مَوْتَتُنَا الْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنشَرِينَ
कि हमें तो सिर्फ एक बार मरना है और फिर हम दोबारा (ज़िन्दा करके) उठाए न जाएँगे
36فَأْتُوا بِآبَائِنَا إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
तो अगर तुम सच्चे हो तो हमारे बाप दादाओं को (ज़िन्दा करके) ले आओ
37أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَالَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَاهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا مُجْرِمِينَ
भला ये लोग (क़ूवत में) अच्छे हैं या तुब्बा की क़ौम और वह लोग जो उनसे पहले हो चुके हमने उन सबको हलाक कर दिया (क्योंकि) वह ज़रूर गुनाहगार थे
38وَمَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا لَاعِبِينَ
और हमने सारे आसमान व ज़मीन और जो चीज़े उन दोनों के दरमियान में हैं उनको खेलते हुए नहीं बनाया
39مَا خَلَقْنَاهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ
इन दोनों को हमने बस ठीक (मसलहत से) पैदा किया मगर उनमें के बहुतेरे लोग नहीं जानते
अद-दुखानकुरान सूची
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अनुवाद — अद-दुखान 37

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सूरा आयत 37/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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