Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَوْمُ يَنفَعُ الصَّادِقِينَ صِدْقُهُمْ: वह दिन जब सच्चे लोगों को उनका सच्चा होना लाभ पहुँचाएगा।
- خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا: उनमें हमेशा हमेशा के लिए रहने वाले।
- رَّضِيَ اللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا عَنْهُ: अल्लाह उनसे प्रसन्न हुआ और वे उससे प्रसन्न हुए।
- الْفَوْزُ الْعَظِيمُ: बड़ी सफलता, महान विजय।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला क़ियामत के दिन हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) से फ़रमाएगा: "यह वह दिन है जिसमें सच्चे लोगों को उनका सच्चा होना नफ़ा देगा।" यानी जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह के साथ अपने ईमान, नीयत, बातों और कामों में सच्चाई अपनाई, उनका यह सच्चा होना आज उनके काम आएगा और उन्हें इसका अच्छा बदला मिलेगा।
उन सच्चे लोगों के लिए ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, और वे उनमें हमेशा हमेशा रहेंगे। उन्हें कभी मौत नहीं आएगी और न ही वहाँ से निकाले जाएँगे। अल्लाह उनसे प्रसन्न होगा, यानी उनके अच्छे कर्मों को क़बूल करेगा और उन पर अपनी रहमत बरसाएगा, और वे भी अल्लाह से प्रसन्न होंगे क्योंकि उसने उन्हें अपनी ओर से बड़े-बड़े इनाम और अनगिनत नेमतें दी होंगी। यही वह बड़ी सफलता है जिससे बढ़कर कोई सफलता नहीं है — यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
फ़ायदे (सीख):
- सच्चाई की अहमियत: यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई सिर्फ़ दुनिया में इज़्ज़त दिलाती है, बल्कि आख़िरत में भी नजात का ज़रिया बनेगी। अल्लाह के सामने वही सच्चे लोग कामयाब होंगे जिन्होंने अपने ईमान और अमल में सच्चाई अपनाई।
- अल्लाह की रज़ा सबसे बड़ी नेमत: जन्नत की नहरें और महल कितने भी खूबसूरत हों, लेकिन सबसे बड़ी नेमत अल्लाह की रज़ा और उसकी खुशी है। जब अल्लाह किसी बंदे से राज़ी हो जाता है, तो उसे हर भलाई मिल जाती है।
- अमल की पकड़: यह आयत हमें बताती है कि सिर्फ़ ज़ुबान से ईमान लाना काफ़ी नहीं, बल्कि नीयत, बात और काम — तीनों में सच्चाई होनी चाहिए। यही वह सच्चाई है जो आख़िरत में काम आएगी।
- उम्मीद और खुशी: यह आयत मोमिनों को उम्मीद देती है कि अगर वे दुनिया में सच्चाई पर क़ायम रहें, तो उनका अंजाम जन्नत और अल्लाह की रज़ा है — यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 117-120 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 119
सूरा अल-माइदा आयत 119 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा फरमाएगा कि ये वह दिन है कि सच्चे बन्दों…सूरा आयत 119/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 117–120. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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