काफ · 35/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
لَهُم مَّا يَشَاءُونَ فِيهَا وَلَدَيْنَا مَزِيدٌ ۝٣٥
Lahum maa yashaaa`oona feehaa wa ladainaa mazeed
📖 हिंदी अर्थ
इसमें ये लोग जो चाहेंगे उनके लिए हाज़िर है और हमारे यहॉ तो इससे भी ज्यादा है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لَهُم مَّا يَشَاؤُونَ فِيهَا – उनके लिए वहाँ (जन्नत में) वह सब कुछ है जो वे चाहेंगे।
  • وَلَدَيْنَا مَزِيدٌ – और हमारे पास (उनके लिए) और अधिक (बढ़ा हुआ) है।

तफसीर:

यह आयत उन मुत्तक़ी (परहेज़गार) लोगों के लिए ख़ुशख़बरी है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह का हुक्म माना और उसकी राह में अपनी ज़िंदगी गुज़ारी। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐसे लोगों के लिए जन्नत में वह सब कुछ मौजूद है जो वे चाहेंगे — हर वह नेमत, हर वह लज़्ज़त, हर वह सुकून जिसकी वे आरज़ू करेंगे, वह उन्हें फ़ौरन हासिल होगी। कोई चीज़ उनसे रोकी नहीं जाएगी, न कोई कमी होगी। वे जो माँगेंगे, वही उन्हें दिया जाएगा।

लेकिन इससे भी बढ़कर — अल्लाह फ़रमाता है: "और हमारे पास (उनके लिए) और अधिक है।" यानी जो कुछ उन्होंने माँगा या चाहा, उससे बढ़कर भी हमारे पास उनके लिए ख़ज़ाने मौजूद हैं। यह "मज़ीद" वह नेमत है जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता — न किसी आँख ने देखा, न किसी कान ने सुना, न किसी दिल ने सोचा। और इस मज़ीद में सबसे बड़ी नेमत अल्लाह का दीदार (रू'यत-ए-इलाही) है — यानी मोमिनीन जन्नत में अपने रब का चेहरा देखेंगे, जो हर नेमत से बढ़कर है। यह वह इज़्ज़त और करम है जो अल्लाह ने अपने ख़ास बंदों के लिए रखा है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इनाम सिर्फ़ उतना नहीं जितना हम सोच सकते हैं — बल्कि उसका करम उससे कहीं ज़्यादा है। जब एक बादशाह अपने वफ़ादार नौकर को इनाम देता है तो वह उसकी उम्मीद से बढ़कर देता है, तो अल्लाह — जो सबसे बड़ा करम करने वाला है — अपने बंदों को उनकी उम्मीदों से कहीं बढ़कर देगा। यह सोचकर दिल ख़ुशी से भर जाता है कि जन्नत की नेमतें सिर्फ़ दुनिया की चीज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि उसका सबसे बड़ा इनाम अल्लाह का दीदार है। इसलिए हमें चाहिए कि इस दुनिया में अल्लाह की राह में जो भी क़ुर्बानी दें, वह उसके सामने बहुत छोटी है — क्योंकि बदले में उसने हमारे लिए ऐसी चीज़ें तैयार की हैं जिनका कोई अंत नहीं। यही सच्ची कामयाबी है — और यही वह चीज़ है जिसके लिए हमें दुनिया की हर चीज़ को छोड़कर अल्लाह की राह में चलना चाहिए।



📜 आयत 33-37 — काफ

33مَّنْ خَشِيَ الرَّحْمَٰنَ بِالْغَيْبِ وَجَاءَ بِقَلْبٍ مُّنِيبٍ
तो जो शख़्श ख़ुदा से बे देखे डरता रहा और ख़ुदा की तरफ़ रूजू करने वाला दिल लेकर आया
34ادْخُلُوهَا بِسَلَامٍ ۖ ذَٰلِكَ يَوْمُ الْخُلُودِ
(उसको हुक्म होगा कि) इसमें सही सलामत दाख़िल हो जाओ यहीं तो हमेशा रहने का दिन है
35لَهُم مَّا يَشَاءُونَ فِيهَا وَلَدَيْنَا مَزِيدٌ
इसमें ये लोग जो चाहेंगे उनके लिए हाज़िर है और हमारे यहॉ तो इससे भी ज्यादा है
36وَكَمْ أَهْلَكْنَا قَبْلَهُم مِّن قَرْنٍ هُمْ أَشَدُّ مِنْهُم بَطْشًا فَنَقَّبُوا فِي الْبِلَادِ هَلْ مِن مَّحِيصٍ
और हमने तो इनसे पहले कितनी उम्मतें हलाक कर डाली जो इनसे क़ूवत में कहीं बढ़ कर थीं तो उन लोगों ने (मौत के ख़ौफ से) तमाम शहरों को छान मारा कि भला कहीं भी भागने का ठिकाना है
37إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَذِكْرَىٰ لِمَن كَانَ لَهُ قَلْبٌ أَوْ أَلْقَى السَّمْعَ وَهُوَ شَهِيدٌ
इसमें शक़ नहीं कि जो शख़्श (आगाह) दिल रखता है या कान लगाकर हुज़ूरे क़ल्ब से सुनता है उसके लिए इसमें (काफ़ी) नसीहत है
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अनुवाद — काफ 35

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सूरा आयत 35/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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