अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَفِي أَنفُسِكُمْ: और तुम्हारे अपने अस्तित्व में भी (अल्लाह की क़ुदरत की निशानियाँ हैं)
- أَفَلَا تُبْصِرُونَ: तो क्या तुम देखते नहीं हो? (क्या तुम आँखें खोलकर नहीं देखते?)
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में इंसान को उसकी अपनी हस्ती की ओर ध्यान देने का आदेश दिया है। पिछली आयत में अल्लाह ने ज़मीन और आसमान की निशानियों का ज़िक्र किया था, और अब वह इंसान को उसकी अपनी ज़ात की तरफ़ मोड़ता है। यानी ऐ इंसान! तू अपने आप को ही देख ले — तेरा अपना वजूद, तेरा शरीर, तेरी रूह, तेरी आँखें, तेरे कान, तेरा दिल, तेरी सोचने की ताक़त — यह सब कुछ अल्लाह की बेपनाह क़ुदरत की ज़िंदा गवाही दे रहा है।
तू एक नुत्फ़े (बूँद) से पैदा हुआ, फिर ख़ून के लोथड़े से, फिर गोश्त के टुकड़े से, फिर हड्डियाँ बनीं, फिर उन पर गोश्त चढ़ा, फिर अल्लाह ने तुझमें रूह फूँकी — और यह सब इतने बारीक निज़ाम (व्यवस्था) के साथ हुआ कि हर मरहले पर अल्लाह की हिकमत और क़ुदरत झलकती है। तेरा दिल बिना रुके धड़कता है, तेरा दिमाग़ सोचता है, तेरी आँखें देखती हैं, तेरे कान सुनते हैं — क्या यह सब अपने आप हो गया? क्या कोई कारीगर (शिल्पकार) नहीं है?
अल्लाह फ़रमाता है: क्या तुम अपनी इन निशानियों को देखकर अपने रब को नहीं पहचानते? क्या तुम्हें यह नहीं दिखता कि जिसने तुम्हें पैदा किया, वही तुम्हारा रिज़्क़ (आजीविका) देता है, वही तुम्हें ज़िंदा रखता है, और एक दिन वही तुम्हें मौत देगा और फिर दोबारा ज़िंदा करेगा?
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान के लिए सबसे बड़ी निशानी ख़ुद उसका अपना वजूद है। जो शख्स अपने आप में ग़ौर-ओ-फ़िक्र करे, वह कभी अल्लाह की वहदानियत (एकता) से इनकार नहीं कर सकता। इसलिए ऐ इंसान! अपनी आँखें खोल, अपने दिल की आँखों से देख — तू ख़ुद एक ज़िंदा किताब है जिसके हर सफ़े पर अल्लाह का नाम लिखा है। क्या तू फिर भी अंधा रहेगा?
यही वह दावत है जो इंसान को उसके रब से जोड़ती है — कि वह अपने अंदर झाँके, अपनी पैदाइश पर ग़ौर करे, और यक़ीन करे कि यह कारख़ाना (कारख़ाना) बिना कारीगर के नहीं बन सकता। और जब यह यक़ीन हो जाए, तो इंसान अपने रब के सामने सर झुकाए, उसकी इबादत करे, और उसी की राह पर चले — क्योंकि यही उसकी कामयाबी है, यही उसकी नजात (मुक्ति) है।
📜 आयत 19-23 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 21
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा तुम में भी हैं तो क्या तुम देखते…सूरा आयत 21/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








