Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمْ: यहाँ पर इसका अर्थ है "क्या" (प्रश्नवाचक), यानी क्या उनके पास...
- إِلَٰهٌ: पूजा के योग्य, जिसकी बंदगी की जाए।
- غَيْرُ اللَّهِ: अल्लाह के अलावा कोई और।
- سُبْحَانَ اللَّهِ: अल्लाह पाक है, वह हर कमी और दोष से मुक्त है।
- عَمَّا يُشْرِكُونَ: उन चीज़ों से जिन्हें वे (मुशरिकीन) अल्लाह का साझीदार बनाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मुशरिकीन (बहुदेववादियों) से एक स्पष्ट और कड़ा प्रश्न पूछ रहे हैं: "क्या उनके पास अल्लाह के अलावा कोई और पूजा के योग्य इबादत करने वाला माबूद है?" यानी क्या सचमुच कोई ऐसा है जो उनकी पूजा का हक़दार हो, जो उन्हें फायदा या नुकसान पहुँचा सके, और जो उनकी दुआओं को सुन सके?
यह प्रश्न उन्हें उनके दिलों को झिंझोड़ने के लिए है। क्योंकि सच्चाई यह है कि इस पूरी कायनात में कोई भी ऐसा नहीं है जो अल्लाह के सिवा इबादत के लायक हो। न कोई शरीक है उसकी हुकूमत में, न उसकी वहदानियत (एकता) में, न उसकी इबादत में।
फिर अल्लाह तआला अपनी पाकी बयान करते हुए फरमाते हैं: "अल्लाह पाक है उन चीज़ों से जो ये लोग उसका साझीदार बनाते हैं।" यानी अल्लाह हर उस चीज़ से पाक और बरी है जो ये मुशरिकीन उसके साथ शरीक ठहराते हैं — चाहे वे मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, पेड़ हों, सितारे हों, या फरिश्ते हों। ये सब उसकी मख़लूक़ (रचना) हैं, और वह इन सबसे बेनियाज़ और बुलंद है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि तौहीद (एकेश्वरवाद) ही असली सच्चाई है। जब हम सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं, तो हमारा दिल उससे जुड़ जाता है, और हमें वह ताकत और सुकून मिलता है जो किसी और से नहीं मिल सकता। अल्लाह ने हमें बताया है कि वह अकेला ही सुनने वाला, देखने वाला, और मदद करने वाला है।
इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! हमें अपनी ज़िंदगी के हर मामले में सिर्फ अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए। जब हम मुश्किल में हों, तो उसी से दुआ करें। जब हम खुश हों, तो उसी का शुक्र अदा करें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा। अल्लाह हमें सच्ची तौहीद पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 41-45 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 43
सूरा अत-तूर आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या ख़ुदा के सिवा इनका कोई (दूसरा) माबूद है जिन…सूरा आयत 43/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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