अन-नज्म · 18/62
अनुवाद उच्चारण — अन-नज्म
لَقَدْ رَأَىٰ مِنْ آيَاتِ رَبِّهِ الْكُبْرَىٰ ۝١٨
Laqad ra aa min aayaati Rabbihil kubraaa
📖 हिंदी अर्थ
और उन्होने यक़ीनन अपने परवरदिगार (की क़ुदरत) की बड़ी बड़ी निशानियाँ देखीं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • आयात — निशानियाँ, प्रमाण, चमत्कार।
  • कुबरा — सबसे बड़ी, महानतम।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत हमारे प्यारे नबी ﷺ के उस महान और रूहानी सफ़र (मेराज) की ओर इशारा करती है, जब अल्लाह ने अपने नबी को अपनी बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाईं। यह वाकया उस रात का है जब नबी ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई और उन्हें वे चीज़ें दिखाई गईं जो आम इंसान की आँखों से छिपी होती हैं।

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि नबी ﷺ ने अपने रब की सबसे बड़ी निशानियाँ देखीं। इन निशानियों में जन्नत और जहन्नम का मुशाहदा, सिदरतुल मुंतहा (बेरी के पेड़) का दीदार, और जिब्रील अमीन को उनकी असली सूरत में देखना शामिल है। यह सब कुछ उस रात हुआ जब नबी ﷺ को अल्लाह की कुदरत के अज़ीम नज़ारे दिखाए गए।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को अपनी कुदरत के वो नज़ारे दिखाता है जो दूसरों के लिए नामुमकिन होते हैं। नबी ﷺ की आँखों ने सच देखा, उनका दिल सच पर जमा रहा, और उन्होंने जो देखा उसे बयान किया। यह हमारे लिए ईमान की तक़वियत (मज़बूती) का ज़रिया है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके नबी ﷺ की सच्चाई पर यक़ीन करें। जिस रब ने अपने नबी को ये बड़ी निशानियाँ दिखाईं, वही रब हमें भी अपनी रहमत से नवाज़ सकता है। हमें चाहिए कि अपने ईमान को मज़बूत करें, नमाज़ में हुज़ूरी दिल से रखें, और अल्लाह से दुआ करें कि वो हमें भी अपनी निशानियाँ देखने की तौफ़ीक़ दे।

याद रखें, जो लोग अल्लाह के नबी ﷺ की बातों पर यक़ीन करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास बड़ी ख़ुशख़बरियाँ हैं। यह आयत हमें उस महान रात की याद दिलाती है जब अल्लाह ने अपने नबी को इज़्ज़त दी और उन्हें अपनी कुदरत के नज़ारे दिखाए। हमें चाहिए कि इस पर ग़ौर करें और अपने ईमान को ताज़ा करें।



📜 आयत 16-20 — अन-नज्म

16إِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشَىٰ
जब छा रहा था सिदरा पर जो छा रहा था
17مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ
(उस वक्त भी) उनकी ऑंख न तो और तरफ़ माएल हुई और न हद से आगे बढ़ी
18لَقَدْ رَأَىٰ مِنْ آيَاتِ رَبِّهِ الْكُبْرَىٰ
और उन्होने यक़ीनन अपने परवरदिगार (की क़ुदरत) की बड़ी बड़ी निशानियाँ देखीं
19أَفَرَأَيْتُمُ اللَّاتَ وَالْعُزَّىٰ
तो भला तुम लोगों ने लात व उज्ज़ा और तीसरे पिछले मनात को देखा
20وَمَنَاةَ الثَّالِثَةَ الْأُخْرَىٰ
(भला ये ख़ुदा हो सकते हैं)
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अनुवाद — अन-नज्म 18

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Tuesday, August 18, 2026

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