अल-क़मर · 25/55
अनुवाद उच्चारण — अल-क़मर
أَأُلْقِيَ الذِّكْرُ عَلَيْهِ مِن بَيْنِنَا بَلْ هُوَ كَذَّابٌ أَشِرٌ ۝٢٥
A-ulqiyaz zikru `alaihi mim baininaa bal huwa kazzaabun ashir
📖 हिंदी अर्थ
क्या हम सबमें बस उसी पर वही नाज़िल हुई है (नहीं) बल्कि ये तो बड़ा झूठा तअल्ली करने वाला है
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📜 आयत 23-27 — अल-क़मर

23كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِالنُّذُرِ
(क़ौम) समूद ने डराने वाले (पैग़म्बरों) को झुठलाया
24فَقَالُوا أَبَشَرًا مِّنَّا وَاحِدًا نَّتَّبِعُهُ إِنَّا إِذًا لَّفِي ضَلَالٍ وَسُعُرٍ
तो कहने लगे कि भला एक आदमी की जो हम ही में से हो उसकी पैरवीं करें ऐसा करें तो गुमराही और दीवानगी में पड़ गए
25أَأُلْقِيَ الذِّكْرُ عَلَيْهِ مِن بَيْنِنَا بَلْ هُوَ كَذَّابٌ أَشِرٌ
क्या हम सबमें बस उसी पर वही नाज़िल हुई है (नहीं) बल्कि ये तो बड़ा झूठा तअल्ली करने वाला है
26سَيَعْلَمُونَ غَدًا مَّنِ الْكَذَّابُ الْأَشِرُ
उनको अनक़रीब कल ही मालूम हो जाएगा कि कौन बड़ा झूठा तकब्बुर करने वाला है
27إِنَّا مُرْسِلُو النَّاقَةِ فِتْنَةً لَّهُمْ فَارْتَقِبْهُمْ وَاصْطَبِرْ
(ऐ सालेह) हम उनकी आज़माइश के लिए ऊँटनी भेजने वाले हैं तो तुम उनको देखते रहो और (थोड़ा) सब्र करो
अल-क़मरकुरान सूची
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अनुवाद — अल-क़मर 25

सूरा अल-क़मर आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या हम सबमें बस उसी पर वही नाज़िल हुई है…

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Tuesday, August 18, 2026

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