अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- वलिय्य: सहायक, संरक्षक, मित्र
- फ़ातिर: पैदा करने वाला, बनाने वाला (बिना किसी पूर्व नमूने के)
- युत्इमु: खिलाने वाला, रोज़ी देने वाला
- ला युत्इमु: उसे कोई खिलाने वाला नहीं, वह किसी का मोहताज नहीं
- अस्लम: आज्ञाकारी हुआ, अल्लाह के सामने सिर झुकाया
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप उन लोगों से कहें जो अल्लाह के सिवा दूसरों की इबादत करते हैं और उनसे मदद माँगते हैं: क्या मैं अल्लाह के सिवा किसी और को अपना सहायक और संरक्षक बनाऊँ? यह कितनी बड़ी बेवकूफी होगी! अल्लाह ही वह है जिसने आसमानों और ज़मीन को बिना किसी पूर्व नमूने के पैदा किया। वही सबको रोज़ी देता है, लेकिन उसे किसी से कुछ लेने की ज़रूरत नहीं। वह सबसे बेनियाज़ है और सारे बंदे उसी के मोहताज हैं। जब सारी कायनात उसी की मुहताज है, तो फिर उसके सिवा किसी और को वली बनाना कैसी समझदारी होगी?
फिर अल्लाह तआला अपने नबी को हुक्म देता है कि आप कहें: मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं इस उम्मत में सबसे पहले अल्लाह के सामने सिर झुकाने वाला और उसकी इबादत में पूरी तरह आज्ञाकारी बनूँ। मुझे यह भी कहा गया है कि मैं कभी मुशरिकों में शामिल न होऊँ, यानी अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत या उसके साथ किसी को शरीक न करूँ।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक मुसलमान की पहचान यह है कि वह केवल अल्लाह पर भरोसा करे, उसी से मदद माँगे और उसी की इबादत करे। जिस तरह नबी करीम ﷺ ने हर परिस्थिति में अल्लाह को ही अपना वली और सहायक बनाया, उसी तरह हमें भी अपनी ज़िंदगी के हर मामले में अल्लाह पर ही भरोसा रखना चाहिए। जब हमारा रब ही हमें रोज़ी देता है, हमारी हर ज़रूरत पूरी करता है, तो फिर हम उसके सिवा किसी और की तरफ क्यों देखें? यही तोहीद (एकेश्वरवाद) की असली तालीम है, और यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 12-16 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 14
सूरा अल-अनआम आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या ख़ुदा को जो…सूरा आयत 14/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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