Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَخَافُ: मैं डरता हूँ।
- عَصَيْتُ: मैंने नाफ़रमानी की / अवज्ञा की।
- عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ: उस महान दिन (क़ियामत) की यातना।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो आपको धमकाते हैं और आपके दीन से रोकना चाहते हैं: "मैं अपने रब की नाफ़रमानी से डरता हूँ। अगर मैंने उसकी अवज्ञा की, उसके हुक्म की ख़िलाफ़वरज़ी की, या उसके साथ किसी और की इबादत की (शिर्क किया), या उसके किसी भी आदेश का उल्लंघन किया और उसकी मनाही की हुई किसी चीज़ को किया, तो मुझे उस महान दिन — यानी क़ियामत के दिन — की भयानक यातना का डर है। यह वह दिन है जिसकी सख़्ती और अज़ाब से कोई भी बच नहीं सकता, सिवाय उसके जिस पर अल्लाह रहम करे।"
मैं इसलिए अल्लाह की इबादत में किसी को साझी नहीं बनाता, और न ही उसके हुक्म से सरताबी करता हूँ, क्योंकि मैं उस दिन के अज़ाब से डरता हूँ जिस दिन हर इंसान अपने किए का बदला पाएगा। यह डर ही मुझे सच्चे दीन पर क़ायम रखता है और बातिल से दूर रखता है।
फ़ायदे (सबक़ और नसीहत):
- अल्लाह का डर — एक मोमिन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह अल्लाह की नाफ़रमानी से डरता है। यह डर उसे गुनाहों से रोकता है और नेकी पर मज़बूत करता है।
- नबी की तालीम — अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने खुद को भी अल्लाह के अज़ाब से डरने वाला बताया, ताकि हमें सिखाएँ कि अल्लाह का डर किसी के लिए शर्म की बात नहीं, बल्कि ईमान की निशानी है।
- क़ियामत पर ईमान — यह आयत हमें क़ियामत के दिन की याद दिलाती है, जो हर इंसान के लिए आएगा। इस याद से इंसान की ज़िंदगी में सुधार आता है और वह आख़िरत की तैयारी करता है।
- शिर्क से बचाव — यह आयत शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझी बनाने) की सख़्त मुख़ालफ़त सिखाती है, क्योंकि शिर्क सबसे बड़ा गुनाह है जिसकी माफ़ी नहीं है।
- अमल की अहमियत — यह बताती है कि सिर्फ़ ज़ुबान से ईमान काफ़ी नहीं, बल्कि अल्लाह के हुक्मों पर अमल करना और उसकी मनाही से बचना भी ज़रूरी है।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 15
सूरा अल-अनआम आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कहो कि अगर मैं नाफरमानी करुँ तो…सूरा आयत 15/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


