अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الحَسَنَة: नेकी, अच्छा काम, पुण्य।
- السَّيِّئَة: बुराई, गुनाह, पाप।
- يُجْزَى: बदला दिया जाना।
- لَا يُظْلَمُونَ: उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया जाएगा, न उनके अच्छे कामों का सवाब कम किया जाएगा और न बुरे कामों की सज़ा बढ़ाई जाएगी।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों पर असीम रहमत और करम करने वाला है। वह फ़रमाता है कि जो कोई क़ियामत के दिन अपने रब के सामने एक नेकी लेकर आएगा, उसे उस नेकी के दस गुना अज्र (इनाम) मिलेगा। यह अल्लाह का फ़ज़ल है कि वह एक छोटी सी नेकी को भी दस गुना बढ़ाकर इनाम देता है, और यह उसकी रहमत की वसीअत (विशालता) को दर्शाता है। मोमिन के लिए यह खुशखबरी है कि उसका हर अच्छा अमल, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो, अल्लाह के यहाँ बेहद कीमती है और उसे कई गुना बढ़ाकर लौटाया जाएगा।
दूसरी तरफ, जो कोई एक बुराई (गुनाह) लेकर आएगा, उसे उसी बुराई के बराबर ही सज़ा दी जाएगी, उससे ज़्यादा नहीं। अल्लाह तआला इंसाफ (न्याय) का मालिक है, वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता। अगर कोई शख्स एक गुनाह करता है, तो उसे सिर्फ उतनी ही सज़ा मिलेगी जितनी उस गुनाह के लायक है, और अल्लाह की रहमत यह भी है कि वह चाहे तो उसे माफ भी कर दे। लेकिन नेकी के मामले में वह अपने बंदों पर ज़्यादा करम करता है और दस गुना तक इनाम देता है।
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत और अदल (न्याय) दोनों की तालीम देती है। हमें चाहिए कि हम नेकियों की तरफ बढ़ें, क्योंकि हर नेकी का इनाम कई गुना है, और गुनाहों से बचें, क्योंकि हर गुनाह की सज़ा उसके बराबर होगी। अल्लाह ने अपने बंदों पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि उनकी भलाई के लिए यह नियम बनाया है। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह की रहमत हमारे अमल से कहीं बढ़कर है। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भर दें और अल्लाह की इस असीम रहमत के हकदार बनें।
📜 आयत 158-162 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 160
सूरा अल-अनआम आयत 160 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो शख्स नेकी करेगा तो उसको दस गुना सवाब अता…सूरा आयत 160/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 158–162. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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