Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بَعَثْنَا: हमने भेजा।
- مَلَئِهِ: उसके (फ़िरऔन के) सरदारों और प्रमुख लोगों को।
- فَظَلَمُوا بِهَا: उन्होंने उन (निशानियों) के साथ ज़ुल्म किया, यानी उन्हें झुठलाया और कुफ़्र किया।
- عَاقِبَةُ الْمُفْسِدِينَ: बिगाड़ पैदा करने वालों का अंजाम।
तफ़सीर:
इन पिछले नबियों (नूह, हूद, सालेह, लूत, शुऐब — अलैहिमुस्सलाम) और उनकी क़ौमों के बाद, अल्लाह ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को अपनी स्पष्ट निशानियों और चमत्कारों (जैसे लाठी का अज़दहा बनना, हाथ का चमकना, और दूसरे मो'जिज़ात) के साथ फ़िरऔन और उसके सरदारों की तरफ़ भेजा। लेकिन उन लोगों ने अपनी सरकशी, हठधर्मिता और ज़ुल्म की वजह से उन निशानियों को नकार दिया और उन पर ईमान नहीं लाए। उन्होंने सच्चाई को जानते हुए भी जानबूझकर कुफ़्र का रास्ता अपनाया।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐ नबी! तुम ग़ौर से देखो कि उन मुफ़्सिदों (बिगाड़ पैदा करने वालों) का अंजाम क्या हुआ। अल्लाह ने उन्हें समुद्र में डुबो कर हलाक कर दिया, और उन पर दुनिया और आख़िरत में लानत भेजी। यही उन लोगों का अंजाम है जो अल्लाह की निशानियों से मुँह मोड़ते हैं और ज़मीन में फ़साद फैलाते हैं।
फ़ायदे:
- अल्लाह का क़ानून (सुन्नत) यही है कि वह अपने नबियों को भेजने के बाद उन्हें झुठलाने वालों को ज़रूर पकड़ता है, चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों। इससे हमें सबक़ मिलता है कि हमें अल्लाह के हुक्मों के आगे सर झुकाना चाहिए।
- ज़ुल्म और सरकशी इंसान को हलाकत की तरफ़ ले जाती है, जबकि नम्रता और ईमान इंसान को नजात दिलाता है।
- अल्लाह के नबियों की निशानियाँ सच्ची होती हैं, और उन्हें झुठलाने वालों का अंजाम बुरा होता है। इसलिए हमें नबियों की सीख पर अमल करना चाहिए।
- यह आयत हमें तसल्ली देती है कि बुराई और फ़साद फैलाने वाले चाहे कितने भी दिखावा करें, अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकते। अच्छाई और सच्चाई का रास्ता ही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 101-105 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 103
सूरा अल-आराफ आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने (उन पैग़म्बरान मज़कूरीन के बाद) मूसा को फिरऔन…सूरा आयत 103/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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