अनुवाद — Tafsir
### معاني الكلمات
- زِينَتَكُمْ: अपना पहनावा और वह चीज़ें जिनसे आप सुंदर दिखें, जैसे साफ़ और ढकने वाले कपड़े।
- عِندَ كُلِّ مَسْجِدٍ: हर नमाज़ और इबादत के समय, विशेषकर मस्जिद में जाने और तवाफ़ (काबा की परिक्रमा) के वक़्त।
- لَا تُسْرِفُوا: हद से आगे न बढ़ो, न खाने-पीने में न कपड़ों में, और न ही किसी और मामले में।
### تفسير الآية
ऐ आदम की संतानो! जब भी तुम इबादत के लिए जाओ, चाहे वह नमाज़ हो, तवाफ़ हो या किसी मस्जिद में जाना हो, तो अपनी शान और सजावट का ख़याल रखो। यानी साफ़, पाक और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनो, और अपने आपको अच्छी हालत में रखो। यह हुक्म उस वक़्त दिया गया जब अरब के कुछ लोग नंगे होकर काबा का तवाफ़ करते थे, जो बिल्कुल ग़लत और शर्मनाक काम था। अल्लाह ने उन्हें इस बुरी आदत से रोका और सिखाया कि इबादत के लिए साफ़ सुथरे और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना ज़रूरी है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: खाओ और पियो उन पाक और हलाल चीज़ों से जो मैंने तुम्हें दी हैं, लेकिन हद से आगे न बढ़ो। यानी न तो इतना खाओ कि पेट खराब हो जाए, न इतना पियो कि सेहत को नुक़सान पहुँचे, और न ही हलाल चीज़ों को छोड़कर हराम की तरफ़ जाओ। अल्लाह उन लोगों को पसंद नहीं करता जो हद से बढ़ जाते हैं, चाहे वह खाने-पीने में हो, कपड़ों में हो, या किसी और मामले में। इसलिए हर काम में संतुलन और अच्छाई को अपनाओ।
### فوائد
- इबादत की शान: यह आयत सिखाती है कि अल्लाह की इबादत के लिए साफ़ सुथरे और अच्छे कपड़े पहनना चाहिए। यह इस्लाम की ख़ूबसूरती है कि वह हर काम में सफ़ाई और सुंदरता को पसंद करता है।
- संतुलन की शिक्षा: खाने-पीने में भी हद से आगे नहीं बढ़ना चाहिए। यह हमें सेहत और शुक्र की नेमत की तरफ़ ले जाता है, क्योंकि ज़्यादती बर्बादी और बीमारी का सबब बनती है।
- हराम से बचाव: यह आयत हलाल और पाक चीज़ों को इस्तेमाल करने की तरग़ीब देती है और हराम से दूर रहने की ताकीद करती है, जिससे इंसान की ज़िंदगी पाक और बरकत वाली बनती है।
- अल्लाह की मुहब्बत: अल्लाह उन्हें पसंद करता है जो हर काम में अच्छाई और संतुलन अपनाते हैं। यह हमें अल्लाह की मुहब्बत हासिल करने का रास्ता दिखाता है, जो सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 29-33 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 31
सूरा अल-आराफ आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ औलाद आदम हर नमाज़ के वक्त बन सवर के…सूरा आयत 31/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








