अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَأْوِيلَهُ: इसका अर्थ है वह अंजाम और परिणाम जिस पर यह कुरान की बातें और वादे खत्म होंगे, यानी क़ियामत का दिन, हिसाब, और अज़ाब।
- يَنظُرُونَ: वे इंतज़ार कर रहे हैं।
- نَسُوهُ: उन्होंने इसे भुला दिया, यानी कुरान को छोड़ दिया और उस पर अमल नहीं किया।
- شُفَعَاءَ: सिफ़ारिश करने वाले, मध्यस्थ।
- نُرَدُّ: हमें (दुनिया में) वापस भेज दिया जाए।
- يَفْتَرُونَ: वे झूठ गढ़ते थे, यानी झूठे माबूद जिन्हें उन्होंने अल्लाह का शरीक बनाया था।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये काफ़िर और मुन्किर लोग किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं? वे केवल उस अंजाम का इंतज़ार कर रहे हैं जिसकी ख़बर कुरान ने दी है — यानी क़ियामत का दिन, जब अल्लाह का वादा और वायदा पूरा होगा, और हर आदमी को उसके अमल का बदला मिलेगा। जिस दिन वह अंजाम सामने आएगा, उस दिन वे लोग जिन्होंने दुनिया में कुरान को भुला दिया था और उसकी आयतों पर अमल नहीं किया था, वे पुकार उठेंगे और कहेंगे: "अब हमें सच साफ़ दिख रहा है कि हमारे रब के रसूल सच्चाई के साथ आए थे, और उन्होंने हमें सही रास्ता दिखाया था, लेकिन हमने नहीं माना।"
उस वक़्त वे दो चीज़ों की तमन्ना करेंगे: पहली ये कि काश कोई सिफ़ारिश करने वाला होता जो हमारे लिए सिफ़ारिश करता, या हमें दोबारा दुनिया में भेज दिया जाता ताकि हम अच्छे काम करते जो हम पहले नहीं करते थे। लेकिन ये सब बेकार होगा, क्योंकि वह दिन पछतावे का दिन होगा, मौका गुज़र चुका होगा।
उस दिन उनका नुक़सान पूरा हो जाएगा — उन्होंने अपनी जानों को ख़ुद ही बर्बाद कर लिया, और वे सब झूठे माबूद जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारते थे, और जिन पर उन्होंने झूठी उम्मीदें लगा रखी थीं, वे सब उनसे ग़ायब हो जाएंगे और उनके किसी काम न आएंगे।
दावत और नसीहत:
ये आयत हमें बहुत बड़ी नसीहत देती है — कि कुरान को सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं रखा गया, बल्कि उस पर अमल करने के लिए दिया गया है। जो लोग कुरान को छोड़ देते हैं, वे असल में अपनी ही जानों को नुक़सान पहुँचाते हैं। आज हमारे पास मौक़ा है — तौबा करने का, अल्लाह की तरफ़ लौटने का, और अच्छे काम करने का। कल जब वह दिन आएगा, तो दोबारा दुनिया में आने की तमन्ना होगी, लेकिन वह तमन्ना पूरी नहीं होगी। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ़ रुजू करें, अपनी ज़िंदगी को कुरान की रोशनी में ढालें, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचें जब हर आदमी अपने अमल का सामना करेगा। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 51-55 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 53
सूरा अल-आराफ आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसे हर तरह समझ बूझ के तफसीलदार बयान कर दिया…सूरा आयत 53/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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