Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- इंसान: मनुष्य, आदम की संतान।
- ख़ुलिक़ा: पैदा किया गया, प्रकृति में डाल दिया गया।
- हलू'अन: अत्यधिक घबराहट, बेचैनी, लालच और जल्दबाज़ी। यह उस स्थिति को कहते हैं जब इंसान मुसीबत में घबरा जाए और खुशहाली में लालची और कंजूस बन जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मनुष्य की मूल प्रकृति का वर्णन कर रहा है। इंसान को कमज़ोर और जल्दबाज़ पैदा किया गया है। उसकी फ़ितरत में घबराहट, बेचैनी और लालच रख दी गई है। जब उस पर कोई मुसीबत आती है, तो वह बेचैन हो उठता है, घबरा जाता है और धैर्य खो देता है। और जब उसे कोई अच्छाई, धन या सुख-सुविधा मिलती है, तो वह लालची बन जाता है, कंजूसी करता है और दूसरों की मदद नहीं करता। यह इंसान की कमज़ोर प्रकृति है, जिसे वह अपने आप पर काबू पाकर ही बदल सकता है।
लेकिन अल्लाह ने इस कमज़ोरी से बचने का रास्ता भी बताया है। जो लोग नमाज़ की पाबंदी करते हैं, अपने माल में ज़कात और हक़ अदा करते हैं, क़यामत के दिन पर विश्वास रखते हैं, अल्लाह के अज़ाब से डरते हैं और अपनी इज़्ज़त की हिफ़ाज़त करते हैं — वे इस कमज़ोरी पर काबू पा लेते हैं। यानी इंसान की यह बुरी आदतें उसकी क़िस्मत नहीं हैं, बल्कि वह नेक अमल करके अपने आपको बदल सकता है और अल्लाह की रहमत का हक़दार बन सकता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान कमज़ोर पैदा हुआ है, लेकिन अल्लाह ने उसे यह ताक़त दी है कि वह अपनी इस कमज़ोरी पर काबू पा सके। नमाज़, ज़कात, ईमान और अल्लाह का डर — ये चीज़ें इंसान को मज़बूत बनाती हैं और उसे बेहतर इंसान बनाती हैं। अगर हम चाहते हैं कि हमारा दिल सुकून पाए, हम मुसीबतों में घबराएँ नहीं और खुशहाली में कंजूस न बनें, तो हमें अल्लाह से जुड़ना होगा और उसके हुक्मों पर अमल करना होगा। यही वह रास्ता है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है। अल्लाह हमें अपनी इस कमज़ोरी से बचाए और नेक अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 17-21 — सूरा अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 19
सूरा अल-मआरिज आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बन्द कर रखा बेशक इन्सान बड़ा लालची पैदा हुआ…सूरा आयत 19/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मआरिज
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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