अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُمَّ يُعِيدُكُمْ فِيهَا: फिर वह तुम्हें उसी (ज़मीन) में लौटा देगा, यानी मृत्यु के बाद क़ब्र में दफ़न किया जाना।
- وَيُخْرِجُكُمْ إِخْرَاجًا: और वह तुम्हें (उसी ज़मीन से) निकालेगा, यानी क़यामत के दिन जीवित करके उठाना, जो उसकी क़ुदरत से यक़ीनी तौर पर होगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इंसान को पैदा करने का सिलसिला बयान करते हुए फ़रमाया कि उसने तुम्हें ज़मीन से पैदा किया, फिर उसी ज़मीन में वह तुम्हें लौटाएगा—यानी मरने के बाद तुम्हें क़ब्र में दफ़न किया जाएगा, और यह उसी का क़ानून है जो हर इंसान के साथ होता है। फिर वह तुम्हें उसी ज़मीन से निकालेगा—यानी क़यामत के दिन जीवित करके उठाएगा, और यह निकालना उसकी क़ुदरत से बिल्कुल यक़ीनी और पक्का होगा, जिसमें कोई शक नहीं। यही वह दिन है जब सब लोग अपने रब के सामने हाज़िर होंगे और अपने आमाल का हिसाब देंगे।
अल्लाह ने ज़मीन को तुम्हारे लिए बिछा हुआ फ़र्श बनाया है, ताकि तुम उसमें चलो-फिरो, अपनी रोज़ी कमाओ, और उसकी नेमतों से फ़ायदा उठाओ। यह सब कुछ उसी की तरफ़ से है, और उसी की तरफ़ लौटना भी है। यह आयत हमें याद दिलाती है कि ज़िंदगी का यह सफ़र ख़त्म नहीं होता, बल्कि मौत के बाद एक नई ज़िंदगी शुरू होती है, जहाँ हर इंसान को उसके अच्छे और बुरे कामों का बदला मिलेगा।
इसलिए ऐ इंसान! उस अल्लाह की इबादत करो जिसने तुम्हें पैदा किया, तुम्हें ज़मीन से उगाया, और फिर तुम्हें उठाकर अपने सामने हाज़िर करेगा। उस दिन के लिए तैयारी करो, क्योंकि वह दिन बहुत करीब है। अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फ़िरत उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाते हैं, उसके रसूल की पैरवी करते हैं, और अच्छे काम करते हैं। यही वह रास्ता है जो जन्नत की तरफ़ ले जाता है, और यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 16-20 — नूह
अनुवाद — नूह 18
सूरा नूह आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तुमको उसी में दोबारा ले जाएगा और (क़यामत में…सूरा आयत 18/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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