नूह · 22/28
अनुवाद उच्चारण — नूह
وَمَكَرُوا مَكْرًا كُبَّارًا ۝٢٢
Wa makaroo makran kubbaaraa
📖 हिंदी अर्थ
और उन्होंने (मेरे साथ) बड़ी मक्कारियाँ की

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَكَرُوا (उन्होंने चाल/साजिश की) — छल-कपट और बुरी योजना बनाई।
  • مَكْرًا (चाल/साजिश) — गुप्त रूप से बुराई की योजना।
  • كُبَّارًا (बहुत बड़ी/भारी) — अत्यंत विशाल और गंभीर साजिश।

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में नूह (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम की शिकायत अल्लाह से कर रहे हैं। वे कहते हैं कि उनके लोगों ने न केवल उनकी बात मानने से इनकार किया, बल्कि उन्होंने बड़ी ही भारी और विशाल साजिश रची। यह साजिश सिर्फ़ नूह (अलैहिस्सलाम) को झुठलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अल्लाह के दीन को मिटाने और लोगों को सच्चे रास्ते से भटकाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। उनके सरदारों और बड़े लोगों ने आम लोगों को उकसाया और उन्हें नूह (अलैहिस्सलाम) के खिलाफ़ भड़काया। उन्होंने झूठ, बदनामी और तरह-तरह के बहाने बनाकर लोगों को सत्य से दूर रखने की कोशिश की। यह मक्र (साजिश) इतनी बड़ी थी कि उसमें उन्होंने अल्लाह के नाम पर भी झूठ बोला और अपनी मनमानी चालें चलीं। लेकिन अल्लाह तआला अपने नबी की मदद करता है और साजिशें चाहे कितनी भी बड़ी हों, अल्लाह की क़ुदरत के आगे बेकार हो जाती हैं। यह हमारे लिए सबक़ है कि सच्चाई पर क़ायम रहें और अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह ही सबसे बड़ा मददगार है। जो लोग अल्लाह के दीन के खिलाफ़ साजिशें करते हैं, उनका अंजाम बुरा होता है, जैसा कि नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के साथ हुआ — वे तूफान में डूब गए और अल्लाह के अज़ाब से बच न सके। यह आयत हमें सिखाती है कि बुराई की साजिशें चाहे कितनी भी मज़बूत क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। इसलिए हमें हमेशा सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलना चाहिए और अल्लाह से मदद माँगनी चाहिए।



📜 आयत 20-24 — नूह

20لِّتَسْلُكُوا مِنْهَا سُبُلًا فِجَاجًا
ताकि तुम उसके बड़े बड़े कुशादा रास्तों में चलो फिरो
21قَالَ نُوحٌ رَّبِّ إِنَّهُمْ عَصَوْنِي وَاتَّبَعُوا مَن لَّمْ يَزِدْهُ مَالُهُ وَوَلَدُهُ إِلَّا خَسَارًا
(फिर) नूह ने अर्ज़ की परवरदिगार इन लोगों ने मेरी नाफ़रमानी की उस शख़्श के ताबेदार बन के जिसने उनके माल और औलाद में नुक़सान के सिवा फ़ायदा न पहुँचाया
22وَمَكَرُوا مَكْرًا كُبَّارًا
और उन्होंने (मेरे साथ) बड़ी मक्कारियाँ की
23وَقَالُوا لَا تَذَرُنَّ آلِهَتَكُمْ وَلَا تَذَرُنَّ وَدًّا وَلَا سُوَاعًا وَلَا يَغُوثَ وَيَعُوقَ وَنَسْرًا
और (उलटे) कहने लगे कि आपने माबूदों को हरगिज़ न छोड़ना और न वद को और सुआ को और न यगूस और यऊक़ व नस्र को छोड़ना
24وَقَدْ أَضَلُّوا كَثِيرًا ۖ وَلَا تَزِدِ الظَّالِمِينَ إِلَّا ضَلَالًا
और उन्होंने बहुतेरों को गुमराह कर छोड़ा और तू (उन) ज़ालिमों की गुमराही को और बढ़ा दे
नूहकुरान सूची
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अनुवाद — नूह 22

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सूरा आयत 22/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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