Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- माइन मुहीन (مَاءٍ مَّهِينٍ): कमज़ोर और तुच्छ पानी, यानी वीर्य (नुत्फ़ा)।
तफ़सीर:
ऐ काफ़िरों! क्या हमने तुम्हें एक कमज़ोर और तुच्छ पानी (वीर्य) से पैदा नहीं किया? यह वही नुत्फ़ा है जो अपनी हिक़ारत और कमज़ोरी की वजह से किसी गिनती में नहीं आता। फिर हमने उस कमज़ोर बूंद को एक मज़बूत और सुरक्षित ठिकाने (माँ के गर्भ) में रखा, और उसे एक निश्चित अवधि तक वहाँ महफ़ूज़ रखा जो अल्लाह के इल्म में मुक़र्रर है। हमने ही उसे इंसान की सूरत दी, उसके अंग बनाए, और उसे पूरा निखारा। फिर हमने उसे एक निश्चित समय पर बाहर निकाला। हम कितने अच्छे क़ादिर (ताक़तवर) हैं! क्या यह हमारी क़ुदरत की निशानी तुम्हें उस रब की तरफ़ नहीं खींचती जिसने तुम्हें पैदा किया?
यह आयत इंसान को उसकी हैसियत याद दिलाती है कि वह किस चीज़ से बना है। जब इंसान अपनी असल हक़ीक़त पर ग़ौर करे तो उसे समझना चाहिए कि जिसने उसे इस कमज़ोर बूंद से इंसान बनाया, वह उसे दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यही वह रब है जिसने तुम्हें पैदा किया, तुम्हारा पालन-पोषण किया, और तुम्हें ज़मीन पर फैलाया। क्या तुम उसकी क़ुदरत पर शक करते हो? क्या तुम उसके हुक्म को मानने से मुँह मोड़ते हो? जिस रब ने तुम्हें पैदा किया, उसी की तरफ़ तुम्हें लौटकर जाना है। उस दिन हर इंसान अपने अमल का हिसाब देगा। इसलिए उस रब की नेमतों को याद करो और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारो, क्योंकि वही तुम्हारा ख़ालिक़ और मालिक है।
📜 आयत 18-22 — सूरा अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 20
सूरा अल-मुरसलात आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या हमने तुमको ज़लील पानी (मनी) से पैदा नहीं कियासूरा आयत 20/50 — सूरा अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुरसलात सुनें, सूरा अल-मुरसलात अनुवाद, सूरा अल-मुरसलात mp3, सूरा अल-मुरसलात pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुरसलात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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