Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَمْ تَقْتُلُوهُمْ: तुमने उन्हें नहीं मारा (अपनी ताकत से)।
- وَلَٰكِنَّ اللَّهَ قَتَلَهُمْ: बल्कि अल्लाह ने उन्हें मारा (अपनी मदद से)।
- وَمَا رَمَيْتَ إِذْ رَمَيْتَ: और तूने नहीं फेंका जब तूने फेंका (अर्थात तेरे फेंकने का असर तेरी ताकत से नहीं था)।
- وَلِيُبْلِيَ الْمُؤْمِنِينَ مِنْهُ بَلَاءً حَسَنًا: और ताकि अल्लाह मोमिनों को अपनी ओर से अच्छा इनाम दे (परीक्षण के बाद)।
- سَمِيعٌ عَلِيمٌ: सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! बद्र के मैदान में जब तुमने मुशरिकों से जंग की, तो यह न समझना कि यह क़त्ल तुम्हारी अपनी ताकत और हिम्मत से हुआ। तुम्हारी संख्या कम थी, हथियार भी कम थे, लेकिन अल्लाह ने अपनी ग़ैबी मदद से उन्हें हराया और तुम्हें उन पर ग़लबा दिया। इसी तरह, ऐ नबी! जब आपने मुशरिकों की तरफ़ मुट्ठी भर मिट्टी फेंकी, तो वह फेंकना आपकी अपनी ताकत से नहीं था, बल्कि अल्लाह ने उस मिट्टी को उनकी आँखों तक पहुँचाया और हर एक की आँख में वह मिट्टी जा लगी, जिससे वे भाग खड़े हुए। यह सब कुछ अल्लाह की क़ुदरत का करिश्मा था। अल्लाह ने यह सब इसलिए किया ताकि मोमिनों को अपनी ओर से अच्छा इनाम दे — दुनिया में ग़नीमत का माल और आख़िरत में जन्नत — और उन्हें यह एहसास दिलाए कि कामयाबी अल्लाह के हाथ में है, ताकि वे उसके शुक्रगुज़ार बनें। बेशक अल्लाह तुम्हारी दुआओं को सुनता है और तुम्हारे दिलों के हाल को जानता है, और वही जानता है कि उसके बंदों के लिए क्या बेहतर है।
फ़ायदे (सबक):
- ताकत का स्रोत अल्लाह है: यह आयत हमें सिखाती है कि जंग या किसी भी काम में कामयाबी हमारी ताकत से नहीं, बल्कि अल्लाह की मदद से होती है। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और अपनी ताकत पर घमंड नहीं करना चाहिए।
- नबी की सुन्नत की अहमियत: जब नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने मिट्टी फेंकी, तो अल्लाह ने उसे असरदार बनाया। इससे पता चलता है कि नबी के हर काम में बरकत होती है और उनकी पैरवी करने वालों को भी अल्लाह की मदद मिलती है।
- अल्लाह की सुनने और जानने की सिफ़त: अल्लाह हमारी दुआएँ सुनता है और हमारी नीयतों को जानता है। यह हमें सिखाता है कि हम अपने अंदर और बाहर दोनों को सुधारें, क्योंकि अल्लाह को सब पता है।
- शुक्रगुज़ारी का सबक: अल्लाह की नेअमतों पर शुक्र करना चाहिए। जब अल्लाह हमें कामयाबी देता है, तो उसे अपनी ताकत न समझें, बल्कि अल्लाह का एहसान मानें और उसके शुक्र में इबादत करें।
- इस्लाम में जिहाद की फज़ीलत: यह आयत जिहाद की अहमियत बताती है कि अल्लाह अपने मोमिन बंदों को जिहाद के ज़रिए बुलंद दर्जे देता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इनाम देता है।
📜 आयत 15-19 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 17
सूरा अल-अनफाल आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (मुसलमानों) उन कुफ्फ़ार को कुछ तुमने तो क़त्ल किया…सूरा आयत 17/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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