अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِنَّهُ — यह (क़ुरआन)
- لَقَوْلُ — अवश्य कथन/वचन है
- रَسُولٍ كَرِيمٍ — एक सम्मानित दूत का (जो अल्लाह का पैग़ाम पहुँचाने वाला हो)
व्याख्या:
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने अपने कलाम (वाणी) की महानता और पवित्रता को बयान किया है। अल्लाह ने इससे पहले की आयातों में कई चीज़ों की क़सम खाई — तारों की, रात के अंधेरे की, और सुबह की रोशनी की — और फिर फ़रमाया कि यह क़ुरआन एक बहुत ही सम्मानित दूत का कथन है।
यहाँ "रसूल" से मुराद जिब्रील अलैहिस्सलाम हैं, जो अल्लाह के विशेष दूत हैं। उन्हें "करीम" (सम्मानित) कहा गया है क्योंकि वे अल्लाह के निकट उच्च स्थान रखते हैं, बड़ी ताक़त और अमानतदारी के मालिक हैं, और आसमानी फ़रिश्तों में उनका मुक़ाम सबसे ऊँचा है। यह क़ुरआन उन्होंने अल्लाह की तरफ़ से लाकर हमारे नबी मुहम्मद ﷺ तक पहुँचाया।
इस आयत का मतलब यह नहीं कि क़ुरआन जिब्रील का अपना कलाम है, बल्कि यह अल्लाह का कलाम है जिसे जिब्रील ने पहुँचाया। जिस तरह किसी राजा का संदेश उसके भरोसेमंद दूत के हवाले से पहुँचाया जाता है, उसी तरह अल्लाह ने अपना यह महान संदेश जिब्रील अमीन के माध्यम से भेजा।
यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि वह अल्लाह का पवित्र कलाम है जो सबसे सम्मानित दूत के ज़रिये आया। इसलिए हमें इसकी तालीम पर अमल करना चाहिए, इसे पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और अपनी ज़िंदगी में लागू करना चाहिए। यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
जो व्यक्ति इस किताब को अपना रहनुमा बना ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। यह किताब इंसान को अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाती है, और उसे वह रास्ता दिखाती है जो अल्लाह को पसंद है।
📜 आयत 17-21 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 19
सूरा अत-तकवीर आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान…सूरा आयत 19/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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