अत-तकवीर · 20/29
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकवीर
ذِي قُوَّةٍ عِندَ ذِي الْعَرْشِ مَكِينٍ ۝٢٠
Zee quwwatin `inda zil `arshi makeen
📖 हिंदी अर्थ
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذِي قُوَّةٍ: अत्यधिक शक्ति वाला, बलवान।
  • عِندَ ذِي الْعَرْشِ: अर्श (सिंहासन) के स्वामी अल्लाह के पास।
  • مَكِينٍ: उच्च स्थान वाला, सम्मानित, प्रतिष्ठित।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने महान रसूल (फ़रिश्ते) जिब्रील अलैहिस्सलाम की विशेषताओं का वर्णन किया है, जो वही (प्रकाशना) लेकर आते हैं। यह वही महान फ़रिश्ता है जो अत्यधिक शक्ति और बल रखता है, और अल्लाह के पास उसका बहुत ऊँचा स्थान है। वह अर्श के स्वामी, सर्वशक्तिमान अल्लाह की विशेष निकटता और सम्मान प्राप्त है। यह स्थान उसे अल्लाह की ओर से दिया गया है, जो उसकी महानता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह फ़रिश्ता वही (प्रकाशना) को पूर्ण सुरक्षा और अमानत के साथ लेकर आता है, और अल्लाह के आदेशों को पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ निभाता है।

दावत (नसीहत और प्रेरणा):

यह आयत हमें यह सिखाती है कि अल्लाह तआला ने अपने रसूलों और फ़रिश्तों को जो सम्मान और शक्ति दी है, वह उसकी महानता और हिकमत (बुद्धिमत्ता) का प्रमाण है। जब हम यह जानते हैं कि क़ुरआन जैसी महान पुस्तक को लाने वाला फ़रिश्ता इतना शक्तिशाली और सम्मानित है, तो हमें इस पुस्तक की अहमियत और उसके पैग़ाम को समझना चाहिए। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अल्लाह के कलाम (वचन) को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। अल्लाह ने अपने फ़रिश्तों को जो शक्ति दी है, वह उसकी कुदरत (शक्ति) का नमूना है, और हमें चाहिए कि हम उसकी इबादत में अपनी पूरी ताकत लगाएँ। यह भी याद रखें कि जो लोग अल्लाह के पास सम्मानित हैं, वही सच्चे इज़्ज़त वाले हैं, और हमें उनके रास्ते पर चलने की कोशिश करनी चाहिए।



📜 आयत 18-22 — सूरा अत-तकवीर

18وَالصُّبْحِ إِذَا تَنَفَّسَ
और सुबह की क़सम जब रौशन हो जाए
19إِنَّهُ لَقَوْلُ رَسُولٍ كَرِيمٍ
कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान का पैग़ाम है
20ذِي قُوَّةٍ عِندَ ذِي الْعَرْشِ مَكِينٍ
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है
21مُّطَاعٍ ثَمَّ أَمِينٍ
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है
22وَمَا صَاحِبُكُم بِمَجْنُونٍ
और (मक्के वालों) तुम्हारे साथी मोहम्मद दीवाने नहीं हैं
अत-तकवीरकुरान सूची
29आयत
मक्कीअवतरण स्थान
20आयत

अनुवाद — अत-तकवीर 20

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Friday, October 2, 2026

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