अत-तकवीर · 21/29
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकवीर
مُّطَاعٍ ثَمَّ أَمِينٍ ۝٢١
Mutaa`in samma ameen
📖 हिंदी अर्थ
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مُطَاعٍ (मुताअ): जिसकी आज्ञा का पालन किया जाए, आज्ञाकारी प्राणियों वाला।
  • ثَمَّ (सम्मा): वहाँ, अर्थात आकाशों में।
  • أَمِينٍ (अमीन): विश्वसनीय, अमानतदार, जिस पर पूरा भरोसा किया जाए।

व्याख्या:

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने महान दूत जिब्रील अलैहिस्सलाम की विशेषताओं का वर्णन कर रहे हैं। यह आयत उस महान दूत के गुणों को बयान करती है जो कुरआन को लेकर नबी करीम ﷺ के पास आते थे।

जिब्रील अलैहिस्सलाम वह फरिश्ता हैं जिन्हें अल्लाह ने सभी फरिश्तों पर श्रेष्ठता प्रदान की है। वे आकाशों में مُطَاعٍ (मुताअ) हैं, अर्थात सभी फरिश्ते उनकी आज्ञा का पालन करते हैं और उनके आदेश को बड़े सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं। यह उनका उच्च स्थान और सम्मान दर्शाता है कि अल्लाह के निकट उनकी हैसियत इतनी बुलंद है कि पूरे आकाश में उनकी बात मानी जाती है।

साथ ही वे أَمِينٍ (अमीन) हैं, यानी अमानतदार हैं। वे अल्लाह के वही (प्रकाशना) को बिल्कुल वैसे ही पहुँचाते हैं जैसे उन्हें सौंपा जाता है, न उसमें कोई कमी करते हैं और न अधिक। वे उस पवित्र अमानत के पूर्ण रक्षक हैं। यह उनकी विश्वसनीयता का प्रमाण है कि अल्लाह तआला ने उन्हें अपने संदेश के लिए चुना और वे उस संदेश को नबियों तक पहुँचाने में कभी कोई लापरवाही नहीं करते।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के चुने हुए दूत हमेशा सत्य, विश्वसनीय और आज्ञाकारी होते हैं। जिस प्रकार जिब्रील अलैहिस्सलाम अल्लाह के संदेश को पहुँचाने में अमानतदार हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में अमानतदारी और विश्वसनीयता का गुण अपनाना चाहिए। यह गुण हमें अल्लाह के करीब लाता है और समाज में हमारा सम्मान बढ़ाता है।

इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि कुरआन जैसी महान पुस्तक को लाने वाला दूत इतना पवित्र और विश्वसनीय है, तो यह पुस्तक भी पूर्ण सत्य है। हमें इस पर बिना किसी संदेह के ईमान लाना चाहिए और इसके आदेशों का पालन करना चाहिए। यही हमारी सफलता का मार्ग है, दुनिया में भी और आख़िरत में भी।



📜 आयत 19-23 — सूरा अत-तकवीर

19إِنَّهُ لَقَوْلُ رَسُولٍ كَرِيمٍ
कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान का पैग़ाम है
20ذِي قُوَّةٍ عِندَ ذِي الْعَرْشِ مَكِينٍ
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है
21مُّطَاعٍ ثَمَّ أَمِينٍ
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है
22وَمَا صَاحِبُكُم بِمَجْنُونٍ
और (मक्के वालों) तुम्हारे साथी मोहम्मद दीवाने नहीं हैं
23وَلَقَدْ رَآهُ بِالْأُفُقِ الْمُبِينِ
और बेशक उन्होनें जिबरील को (आसमान के) खुले (शरक़ी) किनारे पर देखा है
अत-तकवीरकुरान सूची
29आयत
मक्कीअवतरण स्थान
21आयत

अनुवाद — अत-तकवीर 21

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पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

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