अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَيْنًا – एक जलस्रोत या चश्मा।
- يَشْرَبُ بِهَا – जिससे पिया जाता है (अर्थात उससे)।
- الْمُقَرَّبُونَ – अल्लाह के निकटस्थ बन्दे, जो उसकी इबादत और आज्ञाकारिता में सर्वोच्च दर्जे पर हैं।
तफसीर:
यह आयत उस 'तसनीम' नामक जन्नती चश्मे का वर्णन कर रही है जिसका उल्लेख पिछली आयत में किया गया था। यह चश्मा जन्नत के सबसे ऊँचे स्थान पर है और इसका पानी अत्यंत शुद्ध, साफ और स्वादिष्ट है। इसे खासतौर पर अल्लाह के निकटस्थ बन्दों (मुक़र्रबीन) के लिए तैयार किया गया है, जो इसे बिना किसी मिलावट के, खालिस और शुद्ध रूप में पीते हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपनी ज़िन्दगी में अल्लाह की रज़ा को सबसे आगे रखा, उसकी इबादत में पूरी तरह डूबे रहे और उसकी मोहब्बत में अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
जहाँ यह चश्मा मुक़र्रबीन के लिए खालिस है, वहीं अन्य ईमानवालों के लिए इसका पानी उनके पेय (शराब-ए-तहूर) में मिलाया जाता है, ताकि हर दर्जे के लोग इससे लाभान्वित हों। यह अल्लाह की रहमत और उदारता का अद्भुत नमूना है कि उसने अपने बन्दों के लिए ऐसी नेअमतें तैयार की हैं जिनका कोई अंत नहीं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपने नेक बन्दों के लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ की हर चीज़ उनकी ख्वाहिशों के मुताबिक होगी। जो लोग दुनिया में अल्लाह की तरफ दौड़ते हैं, उनकी आँखों की ठंडक और दिल की राहत का सामान जन्नत में रखा गया है। यह हमें उकसाता है कि हम अपने अमल को बेहतर बनाएँ, अल्लाह की इबादत में सच्ची लगन रखें और उसके करीब होने की कोशिश करें। जो लोग आज अल्लाह की राह में मुश्किलें उठाते हैं, उनके लिए यह खुशखबरी है कि उनका इंतज़ार कर रही नेअमतें किसी आँख ने नहीं देखीं, किसी कान ने नहीं सुनीं और किसी दिल ने नहीं सोचीं। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दौलत को पाने के लिए दुनिया की फ़ानी चीज़ों को आसानी से छोड़ दें और उस रब की रज़ा को अपना निशाना बनाएँ जो अपने करीबी बन्दों को ऐसी जगह बसाएगा जहाँ हर तरफ सुकून और खुशी ही खुशी होगी।
📜 आयत 26-30 — अल-मुतफ्फिफीन
अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 28
सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह एक चश्मा है जिसमें मुक़रेबीन पियेंगेसूरा आयत 28/36 — अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुतफ्फिफीन सुनें, अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, अल-मुतफ्फिफीन mp3, अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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