अल-मुतफ्फिफीन · 27/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
وَمِزَاجُهُ مِن تَسْنِيمٍ ۝٢٧
Wa mizaajuhoo min Tasneem
📖 हिंदी अर्थ
और उस (शराब) में तसनीम के पानी की आमेज़िश होगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • मिज़ाजुहु (مِزَاجُهُ): उसका मिश्रण, यानी वह चीज़ जो उस पेय में मिलाई जाए।
  • तस्नीम (تَسْنِيمٍ): यह जन्नत की एक ऊँची और बुलंद जगह पर स्थित चश्मे (स्रोत) का नाम है, जो सबसे उत्तम और उच्च श्रेणी का पेय है। इसे 'तस्नीम' इसलिए कहा गया क्योंकि यह ऊँचाई (सनाम) से लिया गया है।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला फरमाते हैं कि नेक लोगों को जो शराब-ए-तहूर (पवित्र पेय) पिलाई जाएगी, उसका आख़िरी मिश्रण और ख़त्मा 'तस्नीम' नामक चश्मे से होगा। यह चश्मा जन्नत की सबसे ऊँची और बुलंद जगह पर है, और यह अल्लाह के सबसे क़रीबी बंदों (मुक़र्रबीन) के लिए ख़ास है। जब नेक लोग इस पेय को पिएँगे, तो उसमें तस्नीम की ख़ुशबू और लज़्ज़त मिली होगी, जो उसे और भी पाकीज़ा और लज़ीज़ बना देगी। यह वही चश्मा है जिससे मुक़र्रबीन (अल्लाह के नज़दीकी बंदे) सीधे पिएँगे, और अब्रार (नेक लोग) उसका मिश्रण पाएँगे।

दावती पहलू:

यह आयत हमें जन्नत की उस नेमत की तरफ़ इशारा करती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जन्नत का हर पेय, हर फल और हर चीज़ उस मेहरबान रब की तरफ़ से एक इनाम है, जो अपने बंदों से बेहद मुहब्बत करता है। यह हमें बताती है कि अगर हम दुनिया में अल्लाह की इबादत और नेकी के रास्ते पर चलें, तो आख़िरत में हमें ऐसी नेमतें मिलेंगी जिनका अंदाज़ा हम नहीं कर सकते। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिनके लिए यह ख़ुशी और इज़्ज़त तैयार की गई है। जन्नत की याद हमें दुनिया की बेहूदा चीज़ों से बचाए रखे और हमारे दिलों में अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत की उम्मीद पैदा करे।



📜 आयत 25-29 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

25يُسْقَوْنَ مِن رَّحِيقٍ مَّخْتُومٍ
उनको सर ब मोहर ख़ालिस शराब पिलायी जाएगी
26خِتَامُهُ مِسْكٌ ۚ وَفِي ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ الْمُتَنَافِسُونَ
जिसकी मोहर मिश्क की होगी और उसकी तरफ अलबत्ता शायक़ीन को रग़बत करनी चाहिए
27وَمِزَاجُهُ مِن تَسْنِيمٍ
और उस (शराब) में तसनीम के पानी की आमेज़िश होगी
28عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا الْمُقَرَّبُونَ
वह एक चश्मा है जिसमें मुक़रेबीन पियेंगे
29إِنَّ الَّذِينَ أَجْرَمُوا كَانُوا مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا يَضْحَكُونَ
बेशक जो गुनाहगार मोमिनों से हँसी किया करते थे
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
27आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 27

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस (शराब) में तसनीम के पानी की आमेज़िश होगी

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Thursday, October 1, 2026

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