अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَالِدٍ: जन्म देने वाला पिता, यहाँ अर्थ है आदम (अलैहिस्सलाम)।
- وَمَا وَلَدَ: और जो कुछ उसने जन्म दिया, यानी उनकी सभी संतानें और उनकी नस्लें।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने पवित्र शहर मक्का की क़सम खाई है, और फिर उसके बाद उस पिता की क़सम खाई है जो सारी इंसानियत का जन्मदाता है — यानी हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) — और उन सबकी क़सम खाई है जो उनसे पैदा हुए, यानी उनकी पूरी संतानें, जो क़यामत तक आने वाली हैं। यह क़सम इस बात पर है कि अल्लाह ने इंसान को बड़ी मुश्किलों, तकलीफों और संघर्ष की ज़िंदगी में डाला है। इंसान को इस दुनिया में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, और यही उसकी परीक्षा है।
इस आयत में अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) और उनकी संतानों की क़सम खाकर यह बताना चाहा है कि इंसान की यह ज़िंदगी आराम और चैन के लिए नहीं बनाई गई, बल्कि यह मेहनत, संघर्ष और परीक्षा की जगह है। हर इंसान को अपने कर्मों का फल मिलेगा — अच्छे कर्मों का अच्छा बदला और बुरे कर्मों का बुरा अंजाम।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें यह सिखाती है कि जिस तरह हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) ने अपनी ज़िंदगी में तकलीफों और मुश्किलों का सामना किया और अल्लाह की राह में सब्र किया, उसी तरह हमें भी अपनी ज़िंदगी की मुश्किलों पर सब्र करना चाहिए। यह दुनिया आराम की जगह नहीं, बल्कि मेहनत और कमाई की जगह है — यहाँ हम अच्छे कर्मों की कमाई करके आख़िरत की सफलता हासिल कर सकते हैं। अल्लाह ने हमें जो ज़िंदगी दी है, उसमें हर मुश्किल के पीछे हमारी भलाई है। अगर हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें और उसकी इबादत करें, तो यही संघर्ष हमारे लिए जन्नत की राह बनेगा। याद रखें, जिस तरह आदम (अलैहिस्सलाम) की संतान होने का हमें गर्व है, उसी तरह हमें अपने अच्छे कर्मों से यह साबित करना चाहिए कि हम उस महान पिता के सच्चे वारिस हैं। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 3
सूरा अल-बलद आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (तुम्हारे) बाप (आदम) और उसकी औलाद की क़समसूरा आयत 3/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








