अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- निम्मत (نِعْمَةٍ): एहसान, उपकार, भलाई।
- तुज्ज़ा (تُجْزَىٰ): जिसका बदला दिया जाए, जिसकी मुआवज़ा दी जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस मुत्तक़ी (परहेज़गार) इंसान के गुणों का ज़िक्र कर रहा है जो जहन्नम की आग से बचाया जाएगा। वह अपना माल ख़र्च करता है, लेकिन उसका यह ख़र्च किसी इंसान के एहसान का बदला चुकाने के लिए नहीं होता। यानी वह अपने माल से किसी ऐसे शख्स की मदद नहीं करता जिसने पहले उस पर कोई उपकार किया हो और वह उसका बदला चुकाना चाहता हो। नहीं, उसका उद्देश्य इससे बिल्कुल अलग और पवित्र होता है।
वह सिर्फ और सिर्फ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की रज़ा और खुशनूदी हासिल करने के लिए माल खर्च करता है। उसका दिल इस बात से पाक होता है कि वह किसी इंसान के एहसान का बदला चुकाने के लिए खर्च करे। वह तो बस अल्लाह की मुहब्बत और उसके दीदार की चाहत में अपना सब कुछ कुर्बान कर देता है।
यह वह मुक़ाम है जहाँ इंसान की नीयत बिल्कुल खालिस हो जाती है। वह न किसी की तारीफ का मुंतज़िर होता है, न किसी से कोई उम्मीद रखता है। उसका रिश्ता सीधा अल्लाह से जुड़ जाता है। अल्लाह तआला ऐसे बंदे से इतना खुश होता है कि उसे जन्नत में वह सब कुछ अता करता है जिससे उसकी आँखें ठंडी हो जाएँ और दिल मुत्मइन्न हो जाए।
प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमारा हर अमल, हर खर्च, हर कुर्बानी सिर्फ अल्लाह के लिए होनी चाहिए। जब हमारी नीयत खालिस होगी, तो अल्लाह हमें ऐसा इनाम देगा जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। आइए, हम अपने अमलों को सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए करें, ताकि हम उन मुत्तक़ियों में शामिल हों जिनके बारे में यह आयत बयान कर रही है। अल्लाह हम सबको खालिस नीयत और अच्छे अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 17-21 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 19
सूरा अल-लैल आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लुत्फ ये है कि किसी का उस पर कोई…सूरा आयत 19/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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