अल-लैल · 19/21
अनुवाद उच्चारण — अल-लैल
وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُ مِن نِّعْمَةٍ تُجْزَىٰ ۝١٩
Wa maa li ahadin `indahoo min ni`matin tujzaaa
📖 हिंदी अर्थ
और लुत्फ ये है कि किसी का उस पर कोई एहसान नहीं जिसका उसे बदला दिया जाता है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • निम्मत (نِعْمَةٍ): एहसान, उपकार, भलाई।
  • तुज्ज़ा (تُجْزَىٰ): जिसका बदला दिया जाए, जिसकी मुआवज़ा दी जाए।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उस मुत्तक़ी (परहेज़गार) इंसान के गुणों का ज़िक्र कर रहा है जो जहन्नम की आग से बचाया जाएगा। वह अपना माल ख़र्च करता है, लेकिन उसका यह ख़र्च किसी इंसान के एहसान का बदला चुकाने के लिए नहीं होता। यानी वह अपने माल से किसी ऐसे शख्स की मदद नहीं करता जिसने पहले उस पर कोई उपकार किया हो और वह उसका बदला चुकाना चाहता हो। नहीं, उसका उद्देश्य इससे बिल्कुल अलग और पवित्र होता है।

वह सिर्फ और सिर्फ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की रज़ा और खुशनूदी हासिल करने के लिए माल खर्च करता है। उसका दिल इस बात से पाक होता है कि वह किसी इंसान के एहसान का बदला चुकाने के लिए खर्च करे। वह तो बस अल्लाह की मुहब्बत और उसके दीदार की चाहत में अपना सब कुछ कुर्बान कर देता है।

यह वह मुक़ाम है जहाँ इंसान की नीयत बिल्कुल खालिस हो जाती है। वह न किसी की तारीफ का मुंतज़िर होता है, न किसी से कोई उम्मीद रखता है। उसका रिश्ता सीधा अल्लाह से जुड़ जाता है। अल्लाह तआला ऐसे बंदे से इतना खुश होता है कि उसे जन्नत में वह सब कुछ अता करता है जिससे उसकी आँखें ठंडी हो जाएँ और दिल मुत्मइन्न हो जाए।

प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमारा हर अमल, हर खर्च, हर कुर्बानी सिर्फ अल्लाह के लिए होनी चाहिए। जब हमारी नीयत खालिस होगी, तो अल्लाह हमें ऐसा इनाम देगा जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। आइए, हम अपने अमलों को सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए करें, ताकि हम उन मुत्तक़ियों में शामिल हों जिनके बारे में यह आयत बयान कर रही है। अल्लाह हम सबको खालिस नीयत और अच्छे अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 17-21 — अल-लैल

17وَسَيُجَنَّبُهَا الْأَتْقَى
वह उससे बचा लिया जाएगा
18الَّذِي يُؤْتِي مَالَهُ يَتَزَكَّىٰ
जो अपना माल (ख़ुदा की राह) में देता है ताकि पाक हो जाए
19وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُ مِن نِّعْمَةٍ تُجْزَىٰ
और लुत्फ ये है कि किसी का उस पर कोई एहसान नहीं जिसका उसे बदला दिया जाता है
20إِلَّا ابْتِغَاءَ وَجْهِ رَبِّهِ الْأَعْلَىٰ
बल्कि (वह तो) सिर्फ अपने आलीशान परवरदिगार की ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए (देता है)
21وَلَسَوْفَ يَرْضَىٰ
और वह अनक़रीब भी ख़ुश हो जाएगा
अल-लैलकुरान सूची
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मक्कीRevelation
19आयत

अनुवाद — अल-लैल 19

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Tuesday, August 18, 2026

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