अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُؤْتِي مَالَهُ: अपना माल (धन) देता है, खर्च करता है।
- يَتَزَكَّى: पवित्र होने के लिए, गुनाहों से साफ़ होने के लिए, या अपने माल को अल्लाह की राह में खर्च करके उसे बरकत वाला और पाक बनाने के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस इंसान का वर्णन कर रही है जो अल्लाह के यहाँ बड़े दर्जे और इज़्ज़त वाला है। वह वही है जो अपना माल अल्लाह की राह में खर्च करता है, लेकिन इस नीयत से कि उसका दिल और उसका माल पाक और साफ़ हो जाए। वह अपने इस खर्च से किसी एहसान का बदला नहीं चाहता, न ही किसी की तारीफ़ का भूखा होता है, बल्कि उसका एक ही मक़सद होता है — अपने रब की रज़ा और उसका चेहरा (खुशी) हासिल करना।
यह वही नेक बंदा है जो अपने माल को अल्लाह की राह में इसलिए खर्च करता है ताकि वह गुनाहों से पाक हो जाए और उसका अमल अल्लाह के यहाँ क़ुबूल हो। वह जानता है कि माल अल्लाह ही की देन है, और उसे खर्च करके वह अपनी आख़िरत को संवारता है। यही वह सच्चा तक़वा है जो इंसान को जहन्नम की आग से दूर रखता है।
अल्लाह तआला ऐसे बंदे से बेहद खुश होता है और उसे जन्नत में वह कुछ अता करेगा जो उसकी आँखों को ठंडक दे, उसका दिल खुश हो जाए और वह हमेशा के लिए उस नेमत में रहे। यह अल्लाह का वादा है — जो अपने माल को पाकी और तक़वा की नीयत से खर्च करता है, अल्लाह उसे ऐसा इनाम देगा जो उसकी उम्मीद से भी बढ़कर होगा।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि माल का सही इस्तेमाल वही है जो अल्लाह की रज़ा के लिए हो। जब हम अपने माल से ग़रीबों की मदद करते हैं, यतीमों का ख़्याल रखते हैं, या अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, तो हमारा माल घटता नहीं, बल्कि अल्लाह के यहाँ उसका सवाब बढ़ता जाता है। यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नम से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है। अल्लाह हमें भी उन नेक बंदों में शामिल करे जो अपने माल को पाकी और तक़वा की नीयत से खर्च करते हैं। आमीन।
📜 आयत 16-20 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 18
सूरा अल-लैल आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो अपना माल (ख़ुदा की राह) में देता है ताकि…सूरा आयत 18/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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