अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَصَدَّقَ: और उसने सत्य माना / पुष्टि की।
- بِالْحُسْنَىٰ: सर्वोत्तम चीज़ से, अर्थात 'ला इलाहा इल्लल्लाह' (अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं) की गवाही, या अल्लाह के वादे (अच्छे बदले) से।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस इंसान का ज़िक्र कर रहा है जो अपने माल को अल्लाह की राह में खर्च करता है, अल्लाह से डरता है और अपने आप को गुनाहों से बचाता है। साथ ही वह "अल-हुस्ना" यानी 'ला इलाहा इल्लल्लाह' (अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं) की सच्चे दिल से गवाही देता है और उस पर ईमान रखता है। इसका मतलब यह भी है कि वह अल्लाह के उस वादे को सच मानता है जो उसने नेक लोगों के लिए किया है — यानी अच्छा बदला, रिज़्क़ में बरकत और आख़िरत में जन्नत। वह इन सब पर पूरा यक़ीन रखता है।
जो इंसान इन तीन चीज़ों पर अमल करता है — खर्च करना, परहेज़गारी और सच्चा ईमान — अल्लाह उसके लिए भलाई के रास्ते आसान कर देता है, उसे सीधी राह दिखाता है और उसके कामों में सफलता और आसानी पैदा करता है। यह अल्लाह की रहमत है कि वह अपने नेक बंदों को अच्छाई की तरफ़ ले जाता है और उनके हर कदम में बरकत डालता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की राह में खर्च करना, उससे डरना और उसके दीन पर ईमान रखना — ये तीनों चीज़ें इंसान को अल्लाह की मदद और हिदायत का हक़दार बनाती हैं। जब एक मुसलमान इन पर अमल करता है, तो अल्लाह उसके दिल को नूर से भर देता है, उसकी मुश्किलें आसान करता है और उसे ऐसी तौफ़ीक़ देता है जो उसे जन्नत की राह पर ले जाती है। यह अल्लाह का वादा है — जो सच्चे दिल से ईमान लाए और नेक अमल करे, उसके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में भलाई है। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह के वादों पर भरोसा रखें और अपने माल व जान से उसकी राह में कुर्बानी दें — यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 4-8 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 6
सूरा अल-लैल आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हम उसके लिए राहत व आसानीसूरा आयत 6/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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