अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَعْطَىٰ: दिया, ख़र्च किया, अल्लाह का हक़ अदा किया।
- وَاتَّقَىٰ: अल्लाह से डरा, उसकी नाफ़रमानी से बचा।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने इंसानों को दो हिस्सों में बाँटने का ज़िक्र फ़रमाया है। पहला हिस्सा उन लोगों का है जो अल्लाह की राह में अपना माल ख़र्च करते हैं और उसके अहकामात पर अमल करते हुए उससे डरते हैं। यानी जो शख्स अपने माल में से अल्लाह का हक़ निकालता है — जैसे ज़कात, सदक़ा, ख़र्चे और कफ़्फ़ारे — और साथ ही उन कामों से बचता है जिनसे अल्लाह ने मना किया है, और "ला इलाहा इल्लल्लाह" की गवाही को सच्चे दिल से क़बूल करता है और उसके नतीजे (यानी आख़िरत के इनाम और अज़ाब) पर यक़ीन रखता है, तो अल्लाह तआला उसके लिए भलाई के रास्ते आसान कर देता है।
अल्लाह तआला ऐसे बंदे को हिदायत की तौफ़ीक़ देता है, उसे नेक कामों की तरफ़ रहनुमाई करता है और उसके हर काम में आसानी पैदा करता है। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि जो बंदा उसकी राह में देता है और उससे डरता है, अल्लाह उसे और ज़्यादा देने और डरने की तौफ़ीक़ देता है, और उसके दिल को ईमान और अमल-ए-सालिह की मुहब्बत से भर देता है।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है — यह बताती है कि अल्लाह उन लोगों के साथ है जो उसकी राह में ख़र्च करते हैं और उससे डरते हैं। वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि उनके कदमों को सही राह पर चलाता है और उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई मुहैया करता है। यह एक ऐसा वादा है जो कभी टूटता नहीं, और यही वह रास्ता है जो इंसान को कामयाबी की मंज़िल तक पहुँचाता है।
📜 आयत 3-7 — अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 5
सूरा अल-लैल आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जिसने सख़ावत की और अच्छी बात (इस्लाम) की तस्दीक़…सूरा आयत 5/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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