अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الأبرار: नेक लोग, जो अल्लाह के प्रति आज्ञाकारी हों और उसकी इबादत में सच्चे हों।
- عِلِّيِّين: बहुत ऊँचे दर्जे, जन्नत की सबसे ऊँची मंज़िलें, जो अर्श के नीचे सातवें आसमान में हैं।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी और दिलासा है जो नेकी और परहेज़गारी की राह पर चलते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हरगिज़ ऐसा नहीं है जैसा कि गुनाहगार और झुठलाने वाले लोग सोचते हैं कि उनका कोई हिसाब नहीं होगा और न ही कोई जज़ा (बदला) मिलेगा। बल्कि सच्चाई यह है कि नेक लोगों का नामा-ए-आमाल (कर्मों की किताब) बहुत ऊँचे और बुलंद दर्जों में रखा गया है — यानी जन्नत की रफ़ी-ओ-बुलंद मंज़िलों में, जो अर्श के नीचे सातवें आसमान पर हैं। यह उनकी इज़्ज़त और बुलंदी की निशानी है कि उनका रिकॉर्ड अल्लाह के करीबी फ़रिश्तों के पास महफ़ूज़ है।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक प्यारा पैग़ाम है जो अल्लाह की राह में भलाई करता है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा। अल्लाह तआला उसकी नेकियों को कभी ज़ाइए (बेकार) नहीं करता, बल्कि उसे सबसे ऊँचे मुक़ाम से नवाज़ता है। जिस तरह बुरे लोगों का रिकॉर्ड सिज्जीन (नीचे की जगह) में होता है, उसी तरह नेक लोगों का रिकॉर्ड उच्चतम स्थान पर होता है — यह अल्लाह का न्याय और उसकी रहमत है।
प्यारे भाईयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी की राह कभी अकेली नहीं होती। अल्लाह हर क़दम पर हमारे साथ है, हमारी हर नेक नीयत और हर अच्छे अमल को देखता है और उसे बुलंद दर्जों तक पहुँचाता है। जो लोग दुनिया में नेकी को बेकार समझते हैं या उसका मज़ाक उड़ाते हैं, वे ग़लत हैं। अल्लाह के पास हर चीज़ का हिसाब है, और नेक लोगों का अंजाम सबसे खूबसूरत है। आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भर दें, ताकि हमारा नाम भी उन्हीं ऊँचे दर्जों में लिखा जाए और हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत की बुलंद मंज़िलें नसीब हों।
📜 आयत 16-20 — अल-मुतफ्फिफीन
अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 18
सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये भी सुन रखो कि नेको के नाम ए अमाल…सूरा आयत 18/36 — अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुतफ्फिफीन सुनें, अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, अल-मुतफ्फिफीन mp3, अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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