अल-मुतफ्फिफीन · 19/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ ۝١٩
Wa maaa adraaka maa `Illiyyoon
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक लिखा हुआ दफ़तर है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अद्राका — आपको कुछ मालूम कराए, बताए।
  • इल्लिय्यून — सर्वोच्च स्थान, बुलंद मक़ाम, जन्नत की सबसे ऊँची मंज़िलें।

तफ़सीर:

ऐ नबी! आपको क्या मालूम कि 'इल्लिय्यून' क्या है? यह एक ऐसा बुलंद मक़ाम है जिसका मुक़ाम और शान-ओ-शौकत का अंदाज़ा लगाना इंसानी समझ से बाहर है। यह जन्नत की सबसे ऊँची मंज़िलें हैं, जहाँ नेक लोगों (अब्रार) का ठिकाना है — वे लोग जो तक़्वा (परहेज़गारी) अपनाते हैं और अल्लाह से डरते हैं।

यह वह मुक़ाम है जहाँ नेकियों का रिकॉर्ड (किताब) रखा गया है, जो पूरी तरह लिखा जा चुका है — इसमें न कमी की जा सकती है और न ज़्यादती। इस किताब को अल्लाह के करीबी फ़रिश्ते (मुक़र्रबीन) देखते हैं और उस पर निगरानी रखते हैं।

यहाँ अल्लाह तआला इस बुलंद मक़ाम की अज़मत बयान कर रहे हैं ताकि मोमिनों के दिलों में इसकी चाहत पैदा हो और वे इसके लिए नेक अमल करें। जिस तरह बुरे लोगों का ठिकाना 'सिज्जीन' (बहुत नीचे, जहन्नुम की तह) में है, उसी तरह नेक लोगों का ठिकाना 'इल्लिय्यून' में है — यह अल्लाह का इंसाफ़ है कि हर इंसान को उसके अमल के हिसाब से जज़ा मिलेगी।

याद रखिए! यह मुक़ाम सिर्फ़ उनके लिए है जो अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके रास्ते में खर्च करते हैं, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालते हैं। यह वादा कितना प्यारा है! जो शख्स इस मुक़ाम की चाहत रखता है, उसे चाहिए कि वह दुनिया में नेकियाँ कमाए, क्योंकि यही वह पूँजी है जो उसे 'इल्लिय्यून' तक पहुँचाएगी। अल्लाह अपने नेक बंदों से बेहद मुहब्बत करता है और उन्हें ऐसी जगह देगा जिसका कोई हिसाब नहीं — यह उसकी रहमत और करम का इनाम है।



📜 आयत 17-21 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

17ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ
फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है जिसे तुम झुठलाया करते थे
18كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْأَبْرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ
ये भी सुन रखो कि नेको के नाम ए अमाल इल्लीयीन में होंगे
19وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ
और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक लिखा हुआ दफ़तर है
20كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
जिसमें नेकों के आमाल दर्ज हैं
21يَشْهَدُهُ الْمُقَرَّبُونَ
उसके पास मुक़र्रिब (फ़रिश्ते) हाज़िर हैं
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
19आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 19

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक…

सूरा आयत 19/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए