अल-मुतफ्फिफीन · 22/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ ۝٢٢
Innal abraara lafee Na`eem
📖 हिंदी अर्थ
बेशक नेक लोग नेअमतों में होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अल-अब्रार: नेक लोग, सच्चे और आज्ञाकारी बंदे।
  • नईम: स्थायी सुख, आराम और खुशियाँ, यानी जन्नत की नेअमतें।

तफसीर:

अल्लाह तआला फरमाता है कि जो लोग नेक हैं—यानी जो ईमान लाए, अच्छे काम किए, अल्लाह की इबादत में सच्चे रहे और लोगों के साथ भलाई की—वे क़यामत के दिन बड़ी नेअमत और सुख-चैन में होंगे। यह नेअमत सिर्फ़ दुनिया की चंद रोज़ की खुशी नहीं, बल्कि हमेशा रहने वाली जन्नत की नेअमतें हैं, जो कभी खत्म नहीं होंगी।

ये नेक लोग जन्नत के ऊँचे तख्तों पर बैठे होंगे, अपने रब का दीदार करेंगे—यह सबसे बड़ी नेअमत है—और अल्लाह ने उनके लिए जो कुछ भी अच्छाइयाँ तैयार की हैं, उन्हें देखेंगे और उनका लुत्फ़ उठाएँगे। उनके चेहरों पर खुशी और आनंद की चमक होगी। उन्हें ऐसी शराब (जन्नत की पाक पेय) पिलाई जाएगी जो बिल्कुल साफ और पवित्र हो, जिसके घड़े मुहरबंद हों और जिसकी आख़िरी महक कस्तूरी जैसी हो। यह वह पेय है जिसमें "तस्नीम" नामक चश्मे का पानी मिलाया जाएगा—यह जन्नत की एक ऊँची और खास जगह है, जो अल्लाह के करीबी बंदों के लिए तैयार की गई है, ताकि वे इससे पिएँ और लज़्ज़त हासिल करें।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की राह में की गई मेहनत और नेकियाँ कभी ज़ाया नहीं होतीं। जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों पर चलते हैं और उसकी रज़ा के लिए अच्छे काम करते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसा इनाम है जिसे कोई आँख ने देखा हो, किसी कान ने सुना हो और किसी दिल ने सोचा हो। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह अपने वादे में कभी खिलाफ़ नहीं करता। तो आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरें, अल्लाह की इबादत में मशगूल रहें, और उस दिन की खुशी की तैयारी करें जब हम भी उन नेक लोगों में शामिल होंगे जो हमेशा की नेअमत में रहेंगे। यही असली कामयाबी है—दुनिया की चंद रोज़ की खुशियों से बढ़कर आख़िरत की हमेशा रहने वाली खुशियाँ।



📜 आयत 20-24 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

20كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
जिसमें नेकों के आमाल दर्ज हैं
21يَشْهَدُهُ الْمُقَرَّبُونَ
उसके पास मुक़र्रिब (फ़रिश्ते) हाज़िर हैं
22إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ
बेशक नेक लोग नेअमतों में होंगे
23عَلَى الْأَرَائِكِ يَنظُرُونَ
तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे
24تَعْرِفُ فِي وُجُوهِهِمْ نَضْرَةَ النَّعِيمِ
तुम उनके चेहरों ही से राहत की ताज़गी मालूम कर लोगे
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
22आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 22

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक नेक लोग नेअमतों में होंगे

सूरा आयत 22/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए