Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَالُوهُمْ (कालूहुम): उनके लिए नापा, अर्थात लोगों को नाप कर दिया।
- وَزَنُوهُمْ (वज़नूहुम): उनके लिए तौला, अर्थात लोगों को तौल कर दिया।
- يُخْسِرُونَ (युख़्सिरून): वे घटाते हैं, कमी करते हैं, नाप-तौल में नुक़्सान पहुँचाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की मज़म्मत (निंदा) कर रहा है जो नाप-तौल में धोखा देते हैं। यह उन लोगों का हाल बयान कर रहा है जो जब दूसरों से कोई चीज़ खरीदते हैं या लेते हैं, तो पूरा नाप-तौल करके लेते हैं, लेकिन जब दूसरों को देते हैं, तो नाप-तौल में कमी करते हैं। यानी उनका यह तरीक़ा है कि लेते वक़्त पूरा हक़ लेते हैं और देते वक़्त कम देते हैं। यह बड़ी बुरी आदत है, जो समाज में बेईमानी और धोखे को जन्म देती है।
यह आयत मदीना के उन लोगों के बारे में है, जो नबी करीम ﷺ की हिजरत के समय वहाँ रहते थे और उनकी यही आदत थी कि नाप-तौल में कमी करते थे। अल्लाह ने उन्हें सख़्त तनबीह (चेतावनी) दी कि यह काम बहुत बुरा है और इसका अंजाम बहुत भयानक है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम सिर्फ़ मस्जिद और इबादत का नाम नहीं, बल्कि हमारे हर रोज़ के काम-काज, लेन-देन और व्यापार में भी सच्चाई और ईमानदारी का दामन थामना ज़रूरी है। अल्लाह तआला ने नाप-तौल में कमी करने वालों को सख़्त अज़ाब की धमकी दी है, क्योंकि यह दूसरों के हक़ को मारना है। इस्लाम हमें सिखाता है कि हर मुसलमान को चाहिए कि वह लेन-देन में पूरी दियानतदारी (ईमानदारी) बरते, चाहे सामने वाला दोस्त हो या दुश्मन। अल्लाह की नज़र में छोटी-बड़ी हर चीज़ का हिसाब होगा। अगर हम दुनिया में किसी को धोखा दे दें, तो अल्लाह से बच नहीं सकते, क्योंकि वह हर चीज़ को देख रहा है और क़यामत के दिन हर छोटे-बड़े अमल का हिसाब लिया जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि अपने हर काम में अल्लाह से डरें और ईमानदारी अपनाएँ, ताकि दुनिया में भी इज़्ज़त मिले और आख़िरत में भी कामयाबी हासिल हो। याद रखिए, सच्चाई और ईमानदारी में ही बरकत है, और धोखे में ज़िल्लत और अज़ाब।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 3
सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनकी नाप या तौल कर दें तो कम…सूरा आयत 3/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुतफ्फिफीन
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


