अल-मुतफ्फिफीन · 26/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
خِتَامُهُ مِسْكٌ ۚ وَفِي ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ الْمُتَنَافِسُونَ ۝٢٦
Khitaamuhoo misk; wa fee zaalika falyatanaafasil Mutanaafisoon
📖 हिंदी अर्थ
जिसकी मोहर मिश्क की होगी और उसकी तरफ अलबत्ता शायक़ीन को रग़बत करनी चाहिए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • خِتَامُهُ: उस (शराब) का अंत या आख़िरी हिस्सा, यानी जिस चीज़ से उसका पात्र बंद किया जाए या उसका आख़िरी स्वाद।
  • مِسْكٌ: कस्तूरी, एक बहुत ही सुगंधित और पसंदीदा खुशबू।
  • فَلْيَتَنَافَسِ: प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।
  • الْمُتَنَافِسُونَ: प्रतिस्पर्धा करने वाले, यानी जो लोग भलाई में आगे बढ़ना चाहते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत की उस शराब का वर्णन कर रहे हैं जो नेक लोगों को पिलाई जाएगी। वह शराब इतनी पाक और उत्तम होगी कि उसका आख़िरी हिस्सा भी कस्तूरी की तरह महकेगा। जिस पात्र में वह होगी, उसका अंत या सील भी कस्तूरी से होगा। यानी उस शराब का हर हिस्सा, शुरू से आख़िर तक, खुशबू और लज़्ज़त से भरा होगा। यह उस पवित्र पेय की पाकीज़गी और कमाल की निशानी है।

इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है कि इस महान नेमत और हमेशा रहने वाले सुख-चैन के लिए ही लोगों को एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। यानी दुनिया की फ़ानी चीज़ों के लिए दौड़-धूप करने के बजाय, अक़्लमंदों को चाहिए कि वे उस हमेशा रहने वाली नेमत को पाने के लिए नेक अमल में प्रतिस्पर्धा करें। यह वह मुक़ाबला है जिसमें हार-जीत नहीं, बल्कि हर शख्स अपनी भलाई के लिए दौड़ता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि असली कामयाबी दुनिया के माल-ओ-दौलत में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और जन्नत की नेमतों में है। जो लोग इस दौड़ में आगे निकल जाएंगे, वही सच्चे कामयाब हैं। अल्लाह ने अपने बंदों के लिए ऐसी नेमतें तैयार की हैं जिनका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। तो आओ, हम सब मिलकर नेक अमल में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करें, ताकि उस दिन हम भी उन खुशनसीबों में शामिल हों जिन्हें यह अनमोल इनाम मिलेगा।



📜 आयत 24-28 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

24تَعْرِفُ فِي وُجُوهِهِمْ نَضْرَةَ النَّعِيمِ
तुम उनके चेहरों ही से राहत की ताज़गी मालूम कर लोगे
25يُسْقَوْنَ مِن رَّحِيقٍ مَّخْتُومٍ
उनको सर ब मोहर ख़ालिस शराब पिलायी जाएगी
26خِتَامُهُ مِسْكٌ ۚ وَفِي ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ الْمُتَنَافِسُونَ
जिसकी मोहर मिश्क की होगी और उसकी तरफ अलबत्ता शायक़ीन को रग़बत करनी चाहिए
27وَمِزَاجُهُ مِن تَسْنِيمٍ
और उस (शराब) में तसनीम के पानी की आमेज़िश होगी
28عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا الْمُقَرَّبُونَ
वह एक चश्मा है जिसमें मुक़रेबीन पियेंगे
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
26आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 26

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Thursday, October 1, 2026

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