अल-मुतफ्फिफीन · 21/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
يَشْهَدُهُ الْمُقَرَّبُونَ ۝٢١
Yashhadu hul muqarra boon
📖 हिंदी अर्थ
उसके पास मुक़र्रिब (फ़रिश्ते) हाज़िर हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَشْهَدُهُ: इसकी गवाही देते हैं, या इसके पास उपस्थित होते हैं।
  • الْمُقَرَّبُونَ: वे फ़रिश्ते जो अल्लाह के बेहद करीबी और विशेष सम्मानित हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस महान किताब (अर्थात अब्रार का लिखित रिकॉर्ड) की ओर इशारा करती है जो अल्लाह के नेक और परहेज़गार बंदों के कर्मों का दस्तावेज़ है। यह किताब इतनी ऊँची और पवित्र है कि इसके पास केवल वे फ़रिश्ते ही आते हैं जो अल्लाह के सबसे क़रीबी और मुक़र्रब हैं। ये फ़रिश्ते हर आसमान के सबसे ख़ास और मर्तबे वाले हैं, जो इस किताब की गवाही देते हैं और इसकी पवित्रता की पुष्टि करते हैं।

यह बात हमें बताती है कि नेक लोगों के अच्छे कर्म अल्लाह के यहाँ कितने महत्वपूर्ण और सम्मानित हैं, यहाँ तक कि उनका रिकॉर्ड भी सबसे ऊँचे दर्जे के फ़रिश्तों की निगरानी में रखा गया है। यह एक मोमिन के लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि उसकी नेकियाँ अल्लाह के करीबी फ़रिश्तों के सामने पेश की जाती हैं, और यह उसे अच्छे कर्म करने की और भी तरग़ीब देती है।

अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए जो इज़्ज़त और मर्तबा तैयार किया है, उसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके आमाल की किताब को भी सबसे पाक और मुक़र्रब फ़रिश्तों की गवाही से नवाज़ा गया है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने कर्मों को पाक और सच्चा रखना चाहिए, क्योंकि वे अल्लाह के सामने पेश होते हैं और उसके करीबी फ़रिश्ते उनकी गवाही देते हैं।

यह आयत मोमिनों के दिलों में उम्मीद और जज़्बा पैदा करती है कि अगर वे सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करें और नेक काम करें, तो उनका दर्जा अल्लाह के यहाँ बहुत ऊँचा होगा, और यही सच्ची कामयाबी है। अल्लाह हमें अपने मुक़र्रब बंदों में शामिल करे और हमारे आमाल को अपनी पसंद के मुताबिक बनाए। आमीन।



📜 आयत 19-23 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

19وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ
और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक लिखा हुआ दफ़तर है
20كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
जिसमें नेकों के आमाल दर्ज हैं
21يَشْهَدُهُ الْمُقَرَّبُونَ
उसके पास मुक़र्रिब (फ़रिश्ते) हाज़िर हैं
22إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ
बेशक नेक लोग नेअमतों में होंगे
23عَلَى الْأَرَائِكِ يَنظُرُونَ
तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
21आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 21

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसके पास मुक़र्रिब (फ़रिश्ते) हाज़िर हैं

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Friday, October 2, 2026

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