यूनुस · 64/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
لَهُمُ الْبُشْرَىٰ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَفِي الْآخِرَةِ ۚ لَا تَبْدِيلَ لِكَلِمَاتِ اللَّهِ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ ۝٦٤
Lahumul bushraa filha yaatid dunyaa wa fil Aakhirah; laa tabdeela likalimaatil laah; zaalika huwal fawzul `azeem
📖 हिंदी अर्थ
उन्हीं लोगों के वास्ते दीन की ज़िन्दगी में भी और आख़िरत में (भी) ख़ुशख़बरी है ख़ुदा की बातों में अदल बदल नहीं हुआ करता यही तो बड़ी कामयाबी है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْبُشْرَىٰ: शुभ सूचना, खुशखबरी।
  • لَا تَبْدِيلَ: कोई परिवर्तन नहीं, कोई बदलाव नहीं।
  • لِكَلِمَاتِ اللَّهِ: अल्लाह के वादों और आश्वासनों में।
  • الْفَوْزُ الْعَظِيمُ: महान सफलता, बड़ी कामयाबी।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इन आयतों में अपने नेक बंदों—जो ईमान लाए और तक़्वा (परहेज़गारी) अपनाया—के लिए खुशखबरी सुनाता है। यह खुशखबरी दो तरह की है:

पहली खुशखबरी दुनिया की ज़िंदगी में है। इसमें शामिल है: नेक सपने (रूया सालिहा) जो इंसान खुद देखता है या उसके बारे में देखे जाते हैं, लोगों के दिलों में उसकी अच्छी शोहरत और प्रशंसा, और अल्लाह की तरफ से दिल को मिलने वाला सुकून और इत्मीनान। यह भी शामिल है कि जब मौत का वक़्त आता है, तो फ़रिश्ते उसे जन्नत की खुशखबरी देते हैं, जैसा कि दूसरी आयतों में बयान हुआ है।

दूसरी खुशखबरी आख़िरत में है—यानी क़ब्र में, हश्र (उठाए जाने) के मैदान में, और जन्नत में हमेशा रहने की नेमत और अल्लाह की रज़ा (खुशी) का मिलना। यह सब अल्लाह के उन वादों में से है जो कभी नहीं बदलते। अल्लाह का वादा सच्चा है, उसमें कोई कमी, परिवर्तन या ख़िलाफ़ नहीं हो सकता। जो कुछ अल्लाह ने अपने नेक बंदों से वादा किया है, वह ज़रूर पूरा होगा।

यही चीज़—यानी दुनिया और आख़िरत की खुशखबरी और अल्लाह के वादों का पूरा होना—महान सफलता है। क्योंकि इसमें हर उस चीज़ से निजात (मुक्ति) है जिससे डर लगता है, और हर उस चीज़ का मिलना है जो प्यारी और मनचाही है। यही असली कामयाबी है, जिसके आगे दुनिया की कोई कामयाबी कोई मायने नहीं रखती।

फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह के नेक बंदों के लिए दुनिया में भी खुशखबरी है—यह उनके लिए अल्लाह की तरफ से एक इनाम है, जो उनके दिलों को मज़बूत करता है और उन्हें सब्र और शुक्र पर क़ायम रखता है।
  2. अल्लाह के वादे कभी नहीं बदलते। यह बात मोमिन के दिल में अल्लाह पर पूरा भरोसा पैदा करती है कि चाहे दुनिया में कितनी भी मुश्किलें आएँ, अल्लाह का वादा ज़रूर पूरा होगा।
  3. असली सफलता सिर्फ़ दुनिया की चीज़ों में नहीं है, बल्कि वह सफलता है जो दुनिया और आख़िरत दोनों को शामिल करे—यानी अल्लाह की रज़ा और जन्नत का मिलना।
  4. यह आयत मोमिन को उम्मीद और खुशी देती है, और उसे अच्छे कर्मों पर स्थिर रहने की तरग़ीब (प्रेरणा) देती है, क्योंकि उसका अंजाम खुशखबरी और महान सफलता है।
🎧 सुनें

📜 आयत 62-66 — यूनुस

62أَلَا إِنَّ أَوْلِيَاءَ اللَّهِ لَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
आगाह रहो इसमें शक़ नहीं कि दोस्ताने ख़ुदा पर (क़यामत में) न तो कोई ख़ौफ होगा और न वह आजुर्दा (ग़मग़ीन) ख़ातिर होगे
63الَّذِينَ آمَنُوا وَكَانُوا يَتَّقُونَ
ये वह लोग हैं जो ईमान लाए और (ख़ुदा से) डरते थे
64لَهُمُ الْبُشْرَىٰ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَفِي الْآخِرَةِ ۚ لَا تَبْدِيلَ لِكَلِمَاتِ اللَّهِ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ
उन्हीं लोगों के वास्ते दीन की ज़िन्दगी में भी और आख़िरत में (भी) ख़ुशख़बरी है ख़ुदा की बातों में अदल बदल नहीं हुआ करता यही तो बड़ी कामयाबी है
65وَلَا يَحْزُنكَ قَوْلُهُمْ ۘ إِنَّ الْعِزَّةَ لِلَّهِ جَمِيعًا ۚ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
और (ऐ रसूल) उन (कुफ्फ़ार) की बातों का तुम रंज न किया करो इसमें तो शक़ नहीं कि सारी इज्ज़त तो सिर्फ ख़ुदा ही के लिए है वही सबकी सुनता जानता है
66أَلَا إِنَّ لِلَّهِ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَمَن فِي الْأَرْضِ ۗ وَمَا يَتَّبِعُ الَّذِينَ يَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ شُرَكَاءَ ۚ إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ وَإِنْ هُمْ إِلَّا يَخْرُصُونَ
आगाह रहो इसमें शक़ नहीं कि जो लोग आसमानों में हैं और जो लोग ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही के लिए है और जो लोग ख़ुदा को छोड़कर (दूसरों को) पुकारते हैं वह तो (ख़ुदा के फर्ज़ी) शरीकों की राह पर भी नहीं चलते बल्कि वह तो सिर्फ अपनी अटकल पर चलते हैं और वह सिर्फ वहमी और ख्याली बातें किया करते हैं
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अनुवाद — यूनुस 64

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Tuesday, August 18, 2026

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