Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آمَنُوا: ईमान लाए, अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) पर पूर्ण विश्वास किया।
- يَتَّقُونَ: अल्लाह का डर रखते हुए उसके आदेशों का पालन करना और उसकी मनाही से बचना।
व्याख्या:
यह आयत अल्लाह के निकटवर्ती बंदों (औलिया) की पहचान बताती है। वे वे लोग हैं जो अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) पर सच्चा ईमान रखते हैं, और उनका ईमान केवल ज़ुबानी नहीं होता बल्कि दिल से होता है। साथ ही, वे तक़वा (अल्लाह का डर) अपनाते हैं—यानी अल्लाह के हुक्मों को पूरा करते हैं और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचते हैं। उनका जीवन अल्लाह की रज़ा की तलाश में गुज़रता है, और वे हर काम में अल्लाह की नाराज़गी से बचने की कोशिश करते हैं। यही वे लोग हैं जिन पर अल्लाह की विशेष रहमत और मुहब्बत होती है, और जिनके लिए आगे की आयत में खुशखबरी दी गई है कि उनके लिए न कोई डर है और न ही कोई ग़म।
फ़ायदे:
- अल्लाह की नज़दीकी पाने का सबसे बड़ा ज़रिया ईमान और तक़वा है—यही वास्तविक कामयाबी है।
- सच्चा ईमान सिर्फ़ दिल का विश्वास नहीं, बल्कि अमल में भी ज़ाहिर होना चाहिए, और तक़वा ही उसका सबूत है।
- यह आयत मुसलमानों को हौसला देती है कि अगर वे ईमान और तक़वा पर क़ायम रहें, तो अल्लाह उन्हें अपने दोस्तों में शामिल कर लेता है, और फिर दुनिया और आख़िरत में उन्हें कोई डर या ग़म नहीं होता।
- यह बताती है कि अल्लाह की मुहब्बत और उसकी याद में जीने वाले लोग ही असली सुकून और इत्मिनान पाते हैं, चाहे दुनिया में उनकी हालत कैसी भी हो।
📜 आयत 61-65 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 63
सूरा यूनुस आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये वह लोग हैं जो ईमान लाए और (ख़ुदा से)…सूरा आयत 63/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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