यूनुस · 91/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
آلْآنَ وَقَدْ عَصَيْتَ قَبْلُ وَكُنتَ مِنَ الْمُفْسِدِينَ ۝٩١
Aaal`aana wa qad `asaita qablu wa kunta minal mufsideen
📖 हिंदी अर्थ
अब (मरने) के वक्त र्ऌमान लाता है हालॉकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • آلْآنَ: क्या अब (इस समय) — यह प्रश्नवाचक शब्द है जो फटकार और निन्दा के लिए आया है।
  • عَصَيْتَ: तूने अवज्ञा की, नाफ़रमानी की।
  • قَبْلُ: पहले (इससे पूर्व)।
  • مُفْسِدِينَ: उपद्रव फैलाने वाले, बिगाड़ पैदा करने वाले — जो स्वयं गुमराह हों और दूसरों को भी गुमराह करें।

व्याख्या:

जब फ़िरऔन पर मौत का समय आया और उसने समुद्र की लहरों के बीच अपने आपको घिरा पाया, तो उसने कहा: "मैं ईमान लाया कि कोई पूज्य नहीं सिवाय उसके जिस पर बनी इसराईल ईमान लाए, और मैं मुसलमानों में से हूँ।" तब अल्लाह ने उसे फटकारते हुए कहा: "अब ईमान लाता है?!" — यानी क्या अब, जबकि मौत आ चुकी है और आज़ाब सामने खड़ा है, तू ईमान का दावा करता है? यह ईमान तो अब क़बूल नहीं होगा, क्योंकि ईमान वही मान्य है जो विपत्ति आने से पहले और मौत के दृश्य देखने से पहले दिल से किया जाए।

अल्लाह ने उसे याद दिलाया कि तूने पहले हमेशा उसकी अवज्ञा की, उसके आदेशों को ठुकराया, और उसके रसूलों को झुठलाया। तू केवल अपने आप ही गुमराह नहीं रहा, बल्कि दूसरों को भी अल्लाह की राह से रोकता रहा और धरती पर उपद्रव फैलाता रहा। तूने अत्याचार किया, निर्दोषों को क़त्ल किया, और अल्लाह की आयतों का मज़ाक उड़ाया। अब जब मौत की घड़ी आ गई और आज़ाब का दृश्य देख लिया, तो यह ईमान किस काम का? यह तो मजबूरी का ईमान है, जो क़बूल नहीं होता।

कुछ व्याख्याओं में आया है कि जब फ़िरऔन ने ईमान का दावा किया, तो जिब्रील (अलैहिस्सलाम) ने उसके मुँह में समुद्र की कीचड़ डाल दी ताकि वह और कुछ न कह सके, और यही बात उससे कही गई। यह अल्लाह की ओर से उसके प्रति अत्यंत क्रोध और तिरस्कार का प्रतीक है।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. तौबा का सही समय: तौबा और ईमान उसी समय क़बूल होता है जब इंसान स्वस्थ हो, जीवन की आशा हो, और विपत्ति न आई हो। मौत के समय या आज़ाब के दृश्य देखने के बाद की गई तौबा क़बूल नहीं होती। यह हमें सिखाता है कि हमें हर पल अल्लाह की ओर लौटना चाहिए और मौत का इंतज़ार नहीं करना चाहिए।
  2. अल्लाह की पकड़: अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। वह जब किसी ज़ालिम को पकड़ता है, तो उसे कोई नहीं बचा सकता। फ़िरऔन जैसा शक्तिशाली बादशाह भी अल्लाह के आज़ाब से नहीं बच सका।
  3. अहंकार और ज़ुल्म का अंजाम: जो लोग अल्लाह के सामने अहंकार करते हैं और दूसरों पर ज़ुल्म करते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है। फ़िरऔन की कहानी हर ज़ालिम के लिए एक चेतावनी है।
  4. ईमान की क़ीमत: ईमान की असली क़ीमत तब है जब इंसान उसे अपनी मर्ज़ी से, बिना किसी दबाव के, अल्लाह की राह में कुर्बानियाँ देते हुए अपनाए। मजबूरी में लाया गया ईमान बेकार है।
  5. अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा: यह आयत बताती है कि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा ज़िंदगी भर खुला रहता है, लेकिन मौत आने से पहले। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए और हमेशा अल्लाह की ओर लौटते रहना चाहिए।
🎧 सुनें

📜 आयत 89-93 — यूनुस

89قَالَ قَدْ أُجِيبَت دَّعْوَتُكُمَا فَاسْتَقِيمَا وَلَا تَتَّبِعَانِّ سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ
(ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई तो तुम दोनों साबित कदम रहो और नादानों की राह पर न चलो
90۞ وَجَاوَزْنَا بِبَنِي إِسْرَائِيلَ الْبَحْرَ فَأَتْبَعَهُمْ فِرْعَوْنُ وَجُنُودُهُ بَغْيًا وَعَدْوًا ۖ حَتَّىٰ إِذَا أَدْرَكَهُ الْغَرَقُ قَالَ آمَنتُ أَنَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا الَّذِي آمَنَتْ بِهِ بَنُو إِسْرَائِيلَ وَأَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ
और हमने बनी इसराइल को दरिया के उस पार कर दिया फिर फिरऔन और उसके लश्कर ने सरकशी की और शरारत से उनका पीछा किया-यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा तो कहने लगा कि जिस ख़ुदा पर बनी इसराइल ईमान लाए हैं मै भी उस पर ईमान लाता हूँ उससे सिवा कोई माबूद नहीं और मैं फरमाबरदार बन्दों से हूँ
91آلْآنَ وَقَدْ عَصَيْتَ قَبْلُ وَكُنتَ مِنَ الْمُفْسِدِينَ
अब (मरने) के वक्त र्ऌमान लाता है हालॉकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था
92فَالْيَوْمَ نُنَجِّيكَ بِبَدَنِكَ لِتَكُونَ لِمَنْ خَلْفَكَ آيَةً ۚ وَإِنَّ كَثِيرًا مِّنَ النَّاسِ عَنْ آيَاتِنَا لَغَافِلُونَ
तो हम आज तेरी रुह को तो नहीं (मगर) तेरे बदन को (तह नशीन होने से) बचाएँगें ताकि तू अपने बाद वालों के लिए इबरत का (बाइस) हो और इसमें तो शक़ नहीं कि तेरे लोग हमारी निशानियों से यक़ीनन बेख़बर हैं
93وَلَقَدْ بَوَّأْنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ مُبَوَّأَ صِدْقٍ وَرَزَقْنَاهُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ فَمَا اخْتَلَفُوا حَتَّىٰ جَاءَهُمُ الْعِلْمُ ۚ إِنَّ رَبَّكَ يَقْضِي بَيْنَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كَانُوا فِيهِ يَخْتَلِفُونَ
और हमने बनी इसराइल को (मालिक शाम में) बहुत अच्छी जगह बसाया और उन्हं अच्छी अच्छी चीज़ें खाने को दी तो उन लोगों के पास जब तक इल्म (न) आ चुका उन लोगों ने एख्तेलाफ़ नहीं किया इसमें तो शक़ ही नहीं जिन बातों में ये (दुनिया में) बाहम झगड़े रहे है क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार इसमें फैसला कर देगा
यूनुसकुरान सूची
109आयत
मक्कीRevelation
91आयत

अनुवाद — यूनुस 91

सूरा यूनुस आयत 91 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अब (मरने) के वक्त र्ऌमान लाता है हालॉकि इससे पहले…

सूरा आयत 91/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए