अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَقَّتْ: साबित हो गई, अनिवार्य हो गई, लागू हो गई।
- كَلِمَتُ رَبِّكَ: तुम्हारे रब का फैसला, उसका क़ज़ा और अज़ल (अनादि) हुक्म।
- لَا يُؤْمِنُونَ: वे ईमान नहीं लाएँगे।
आयत का तफ़सीर:
ऐ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)! जिन लोगों पर तुम्हारे रब की बात साबित हो चुकी है—यानी अल्लाह के अज़ली इल्म और फैसले में उनके लिए दुर्भाग्य और यातना लिख दी गई है, और यह तय हो चुका है कि वे अपनी हठधर्मी और सत्य के विरोध पर अड़े रहने के कारण कुफ्र की हालत में मरेंगे—वे कभी ईमान नहीं लाएँगे। अल्लाह की ओर से उनके लिए यह फैसला उनके अपने कर्मों और सत्य को ठुकराने की वजह से सामने आया है, क्योंकि अल्लाह का फैसला उसके इल्म और न्याय के अनुसार होता है। ये लोग अल्लाह की निशानियों पर दिल से विश्वास नहीं करते, उसकी एकता को स्वीकार नहीं करते, और न ही उसके आदेशों पर अमल करते हैं। उनके लिए ईमान का दरवाज़ा बंद हो चुका है, क्योंकि उन्होंने स्वयं सत्य को देखने के बावजूद उसे नकार दिया और अल्लाह की रहमत से खुद को वंचित कर लिया।
आयत से लाभ:
- अल्लाह का इल्म और फैसला उसके न्याय और हिकमत पर आधारित है; वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि इंसान अपने कर्मों से अपना अंजाम खुद तय करता है।
- ईमान अल्लाह की ओर से एक नेमत है, लेकिन यह उन्हीं को मिलती है जो सत्य की तलाश करते हैं और उसे क़बूल करने के लिए तैयार रहते हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने दिलों को सत्य के लिए खुला रखना चाहिए और अहंकार, हठधर्मी या दुनियावी मोह की वजह से सत्य को नकारने से बचना चाहिए, क्योंकि यही वह रास्ता है जो इंसान को अल्लाह की रहमत से दूर कर देता है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह की मेहरबानी और रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी ओर रुजू करते हैं, और उसकी यातना उनके लिए है जो उसके संदेश को ठुकराते हैं—यह एक न्यायपूर्ण व्यवस्था है जो इंसान को सही रास्ते पर चलने की तरग़ीब देती है।
📜 आयत 94-98 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 96
सूरा यूनुस आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि जिन लोगों के बारे…सूरा आयत 96/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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